परिवहन और आबकारी विभाग में 44 इकाइयों में 257 मामलों में अनियमितताएं पाई गई हैं। इससे विभाग को 41.02 करोड़ का चूना लगा है। यह अनियमितताएं टोकन टैक्स, विशेष पथकर, पंजीयन फीस, परमिट फीस, राष्ट्रीय परमिट योजना के तहत समेकित शुल्क से संबंधित हैं। कैग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके अलावा 572 व्यावसायिक वाहन मालिकों ने भी परिवहन विभाग को यात्री माल कर पर 34.73 लाख की चपत लगाई है। विभाग की ओर से भी इस राशि को वसूल करने की जहमत नहीं उठाई गई।
अवसूली मामलों की संख्या राशि (करोड़ों में)
टोकन कर व समेकित शुल्क 116 11.22
विशेष पथकर 27 23.96
यात्री व मालकर 11 2.02
टोकन कर 9 0.52
यात्री व माल कर 21 1.88
वाहन कर तथा यात्री व मालकर 73 1.42
वाहनों की बिक्री से फायदा
वाहनों की बिक्री होने से परिवहन विभाग को फायदा हुआ है। वर्ष 2018-19 की तुलना में 2019-20 मेें 3,041 ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई है। इससे विभाग को लाभांश प्राप्त हुआ है।