हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन। समय सुबह के पौने बारह बजे। भारी शोर-शराबे के बीच प्रश्न काल में सवाल भी नहीं सुनाई दे रहे थे। सत्ता पक्ष और हिलोपा के विधायक सवाल पूछ रहे थे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ओर से जवाब दिए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री की सीट के पास ही वेल में विपक्ष जोरदार नारेबाजी कर रहा था। नारेबाजी में सिर्फ भाजपा विधायक रणधीर शर्मा की सबसे तेज आवाज सुनाई दे रही थी। विपक्ष ताली बजाकर शोर कर रहा था। इसी बीच, अचानक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी सीट से खड़े हो गए।
खास मुद्रा में दिया सीएम ने अपना जवाब
विपक्ष की तरफ देखकर ताली बजाने के साथ उन्होंने मुस्कुराते हुए एक खास मुद्रा में अपना जवाब दिया। यह देख सीट पर बैठे सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों ने जमकर ठहाके लगाए। यहां तक की सीएम की बगल में बैठीं विद्या स्टोक्स भी मुस्कुरा पड़ीं।
इस मुद्रा के बाद ही वेल में नारेबाजी कर रहे भाजपा विधायकों ने नारे बदल दिए। भाजपा की ओर से नारे लगाए जाने लगे कि ...नाचना-गाना बंद करो, चर्चा का प्रबंध करो। यह नारा करीब पांच मिनट तक चलता रहा। लेकिन इस मजेदार घटनाक्रम ने सदन में फैले तनाव जरूर कम कर दिया।
'तब कुल्लू का डांस भी हो जाता था फेल'
नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था, उस समय तो कांग्रेस की ओर से सदन में जमकर डांस और संगीत की व्यवस्था की जाती थी। सुजान सिंह पठानिया के नृत्य के सामने तो कुल्लू का डांस भी फेल हो जाता था।
मैं डांस नहीं करता था, गाता था- धूमल जब बोल ही रहे थे कि उसी समय सुजान सिंह पठानिया ने भी तत्काल अपनी सफाई दे दी। उन्होंने कहा - मैं सदन में डांस नहीं करता था। मैं तो गाना गाता था। इस पर धूमल की ओर से कोई जवाब नहीं आया।