गरीबों के मकान बनाने के लिए पिछले साल का बजट अब जाकर जारी हुआ है। केंद्र सरकार ने कोरोना काल में पहली किस्त के एक करोड़ रुपये रोक दिए थे। प्रदेश सरकार को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अब जाकर बचे हुए में से कुछ बजट जारी हुआ है। वित्त वर्ष 2020-21 में 4094 मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया था। बजट के पहुंचने में देरी होने और कोविड काल में बाधा पैदा होने से यह फंड समय पर जारी नहीं हो पा रहा है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण आवास मंडल के शैलेश कुमार ने इस संबंध में ग्रामीण विकास सचिव को पत्र लिखा है, जिसमें इस सहायता राशि को जारी करने का एलान किया है। इसमें स्पष्ट किया है कि यह धनराशि प्रशासनिक लागत को घटाकर जारी की जा रही है। इसमें यह भी दो टूक कहा गया है कि बजट आवंटन के लिए मंत्रालय के तय फार्मूेला का अनुसरण किया जाए।
अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए निर्धारित बजट को किसी भी स्थिति में सामान्य श्रेणियों के लिए डायवर्ट नहीं किया जाए। पहली किस्त में कुल 23.94 करोड़ रुपये रिलीज होने थे, जिसमें से 11.97 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। बाकी बजट को अलग से जारी किया जाना है। यह भी साफ किया गया है कि अगर तय मात्रा में राज्य का हिस्सा जमा नहीं किया गया तो इसे दूसरी किस्त से काट दिया जाएगा।