बकाया बिलों की वसूली के लिए बीएसएनएल ने गांधीगिरी शुरू कर दी है। शिमला में बुधवार को बीएसएनएल कर्मियों की टीमें डिफाल्टरों के घरों के बाहर धरना देने पहुंची। बीएसएनएल की गांधी गिरि का पहले ही दिन असर भी दिखने को मिला।
ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने सालों से बिल जमा नहीं किए थे एकाएक बिल जमा करवाने दफ्तरों में पहुंचने लगे। कुछ उपभोक्ताओं ने बिल जमा करवाने के लिए मोहलत भी मांगनी शुरू कर दी है। बीएसएनएल का करीब दो करोड़ रुपये बकाया बिल के रूप में डिफाल्टरों के पास फंसा हुआ है।
बीएसएनएल कर्मचारियों की टीम ने बुधवार को खलीनी और साथ लगते क्षेत्रों, बीसीएस, न्यू शिमला के सेक्टर, 1, 2 और 3 में डिफाल्टरों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर धरना दिया। वीरवार को इन क्षेत्रों के डिफाल्टरों के केस सेटल किए जाएंगे। शुक्रवार को बीएसएनएल कर्मचारियों की टीम मालरोड, चौड़ा मैदान, चक्कर और आसपास के क्षेत्र में डिफाल्टरों के घरों के बाहर प्रदर्शन करेगी।
अब बिल जमा करवा रहे डिफाल्टर: सिंह
बीएसएनएल के महाप्रबंधक एमसी सिंह ने बताया कि पहले ही दिन गांधी गिरि के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। बुधवार को बीएसएनएल कर्मियों की टीम जिन इलाकों में गई वहां के डिफाल्टर बिल जमा करने के लिए आगे आने लगे हैं।