निजी लैबों और अस्पतालों में यही टेस्ट लगभग 2500 से 3000 के करीब हो रहे हैं।
प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में अब महज सौ रुपये में मेमोग्राफी होगी। अब तक महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर हजारों रुपये में यह टेस्ट करवाना पड़ता है। इस टेस्ट से ब्रेस्ट कैंसर का शुरूआती चरण में पता चलता है। आईजीएमसी में मेमोग्राफी मशीन से यह संभव हो सकेगा।
सस्ती दरों पर टेस्ट होने के कारण भारी संख्या में महिलाएं टेस्ट करवाने आ रही हैं। मेमोग्राफी के दौरान मरीजों के चार तरह से एक्सरे लिए जाते हैं। आरसीसी, एलसीसी, आरएमएलओ और एलएमएलओ एक्सरे शामिल है। इसे फूल फील्ड डिजिटल मेमोग्राफी (एफएफडीएम) कहा जाता है।
अस्पताल में पुरानी मशीन दिसंबर 2011 में खराब हो गई थी और उसके बाद से लेकर यहां पर टेस्ट नही हो पा रहे थे। पुरानी मशीन होने के कारण इसे बार- बार रिपेयर भी करवाना पड़ रहा था, नई मशीन के कारण महज पंद्रह मिनट के भीतर मरीज के पूरे टेस्ट यहां पर किए जा रहे हैं। उधर, रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरजी सूद ने बताया कि मशीन लगने के बाद रोजाना तीन से चार मरीज यहां पर आ रहे हैं। जिनका कि उपचार किया जा रहा हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में मेमोग्राफी टेस्ट केवल सौ रुपये में हो रहा है। निजी लैबों और अस्पतालों में यही टेस्ट लगभग 2500 से 3000 के करीब हो रहे हैं। डिजिटल मेमोग्राफी मशीन की कीमत दो करोड़ चालीस लाख रुपये है। आईजीएमसी में डिजिटल मेमोग्राफी मशीन के स्थापित होने के बाद प्रदेश के करीब सैकड़ों लोगों को इसका लाभ पहुंचेगा।
शुरूआती दौर में अस्पताल आई महिला मरीजों की डिजिटल मेमोग्राफी होने से ब्रेस्ट कैंसर का पता चल जाएगा और समय से इलाज होने पर इस बीमारी से बचा जा सकेगा। आईजीएमसी में रेडियोलोजी विभाग के तैनात स्टाफ ही इस मशीन को चलाएगा। शुरूआती चरण में उपचार से इससे बचा जा सकता है। महिला के ब्रेस्ट में तकलीफ हो तो तुरंत मेमोग्राफी करवाएं।