महंगाई से बर्तन भी अछूते नहीं हैं। थाली, चम्मच, गिलास से लेकर अन्य सभी प्रकार का सामान महंगा हो गया है। अब धनतेरस के दौरान बर्तनों की खरीदारी के लिए लोगों को जेब हल्की करनी पड़ेगी। स्टील के चम्मच और कटोरी के दाम तो दोगुना बढ़ गए हैं।
हालांकि दुकानों में अभी तक ग्राहक कम ही आ रहे हैं लेकिन कारोबारियों को आस है कि त्योहारी सीजन में उम्दा उछाल आएगा। दो नवंबर को धनतेरस है। मान्यता के अनुसार धनतेरस पर पीतल, कांसा का सामान खरीदना शुभ माना जाता है। मौजूदा दौर में स्टील के बर्तनों का काफी चलन है। बाजार तरह-तरह के बर्तनों से सजे पड़े हैं।
त्योहारों के अलावा शादी समारोह में कांसा, पीतल और तांबे के बर्तन भेंट करने का प्रचलन था। अब पैसे देकर औपचारिकता निभाई जा रही है। यह थोड़ा चिंता का विषय है। फिर भी कोविड के बाद बाजार में पॉजिटिविटी है, कारोबार बेहतर रहने की उम्मीद है। -हरीश बहल, बर्तन कारोबारी मोती बाजार
ऑनलाइन खरीदारी से बर्तन कारोबार पर असर पड़ा है। बाजार में हर तरह का सामान मौजूद है। ऐसा नहीं कि कीमतों में बढ़ोतरी होने से लोग बर्तनों की खरीदारी कम कर रहे हैं। हर तरह के बर्तनों पर 25 से 40 प्रतिशत बढ़ोतरी के बावजूद खरीदार उमड़ रहे हैं।- ठाकुर दास शर्मा, मोती बाजार
कांसा की मांग कम होने एवं दाम में बढ़ोतरी होने से लोगों में इसकी मांग कम है। अधिकांश लोग स्टील और सिल्वर की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। जीएसटी की मार से कारोबारियों को थोड़ी बहुत मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। - राजेश कुमार, बर्तन कारोबारी
स्टील पहले अब
थाली 60 80
चम्मच 10 20
गिलास 25 40
कटोरी 25 40
पतीला 250 325
पीतल
थाली 120 250
गिलास 90 200
पतीला 600 1500
कांसा
कटोरी 350 400
चमच 250 300
थाली 1200 1400
तांबा
थाली 200 250
लोटा 150 180