भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व मंत्री और पार्टी की पंचायत एवं स्थानीय निकायों में चुनाव निरीक्षण को बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव भी पंचायत चुनाव के साथ ही करवा लेने चाहिए। मौजूदा सरकार सही स्थिति में नहीं है।
पंचायतीराज विभाग कुछ और कहता तथा मंत्री कुछ और कहते हैं। मंत्री की विभाग में रुचि नहीं है। शहरी क्षेत्र में रहे मंत्री कुछ और विभाग चाहते थे। कहा कि 14वें वित्तायोग से मिले बजट की गाइडलाइंस नहीं मिलने पर भी मंत्री कन्फयूज कर रहे हैं। पत्रकार वार्ता में जयराम के साथ एचएन कश्यप, गणेश दत्त, नरेश शर्मा भी मौजूद रहे।
कहा कि सरकार पंचायत चुनाव में किस प्रकार का आयोजन करने जा रही है, इस पर भाजपा नजर रखे है। प्रदेश में पंचायतों के चुनाव में बड़े स्तर पर धांधलियां हो रही हैं। सरकार ने नई पंचायतों को गठित करने का शुरू में शोर-शराबा किया, बाद में कहा कि ऐसा नहीं किया जाएगा, जबकि जनसंख्या में बढ़ोतरी की दृष्टि से नई पंचायतों का गठन किया जाना चाहिए।
दस साल के लिए आरक्षण रोस्टर करने के मामले में भी सरकार ने लोगों को भ्रमित किए रखा। मंत्री ने पहले सॉफ्टवेयर की बात की। कहा कि एक ही क्लिक में आरक्षण रोस्टर निकल आएगा। बाद में कांग्रेस नेताओं के दबाव में इसे खारिज कर दिया। अब इसे मैनुअली जारी करने की बातें होने लगी हैं। आरोप लगाया कि मंत्री की ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में कोई रुचि नहीं है।
मेरी पंचायत में भी हुआ खेल- जयराम ने कहा कि बल्ह में पंचायत प्रधान महिला है। उसका सारा परिवार वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। आरोप लगाया कि उन्हीं की गृह पंचायत मुहाग में ब्लॉक समिति के दो वार्डों का एक वार्ड बना दिया गया है। कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए ही ऐसा किया है। ऐसी ही गड़बड़ियां पूरे प्रदेश में हो रही हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में कोई नहीं- क्या आप भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में शामिल हैं? इसके जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि कोई भी रेस में नहीं है। पार्टी का नेतृत्व ही इस पर निर्णय करता है। पार्टी नेतृत्व जिसके बारे में निर्णय करेगा, उसे ही प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाएगा।