भाजपा विधायकों ने अपनी डिग्रियों के साथ किया प्रदर्शन
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शीतकालीन सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को तपोवन विधानसभा परिसर में भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जहां विपक्षी दल भाजपा ने डिग्रियां फाड़कर जलाईं, वहीं कांग्रेस ने केंद्र सरकार से 15-15 लाख रुपयों की मांग की। भाजपा विधायक प्रतीकात्मक डिग्रियां लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से पांच लाख युवाओं को नौकरी देने की दी गई गारंटी को पूरा न करने के चलते यह प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले पांच लाख युवाओं को रोजगार देने का दावा किया था, लेकिन पिछले एक वर्ष से भर्तियां लटकी हैं। बेरोजगार दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हैं और डिग्रियां जलाने की नौबत आ गई है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक बेरोजगार हैं। सरकार उनको नौकरी देने के बजाय चहेतों को सलाहकार, ओएसडी के रूप में भर्ती कर रही, सीपीएस बनाए गए हैं।
विपक्ष इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, जब भाजपा विधायक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तो इसी बीच सत्ता पक्ष के विधायक भी हाथों में केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंच गए। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि भाजपा है तो धोखा है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने केंद्र सरकार से 15-15 लाख रुपये देने की मांग की। कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि भाजपा विधायक नौटंकी कर रहे हैं। केंद्र से हिमाचल को मदद दिलाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। मोदी सरकार ने 2014 में काले धन की वापसी पर 15-15 लाख देने का दावा किया था, जो अभी तक किसी को नहीं मिला है। भाजपा के पास मुद्दे नहीं है, जबकि सरकार ने एक साल में बेहतरीन कार्य किए हैं।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में नाचे भाजपा विधायक, हुई धक्का-मुक्की
विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक जब केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, तो इसी बीच भाजपा के कुछ विधायक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बीच घुस गए और गीत गाकर नाचने लगे। इसके चलते वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों को धक्का-मुक्की करते भी देखा गया।
भाजपा ने जो डिग्रियां जलाईं, वे भी फर्जी थीं : सुक्खू
विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक डिग्रियां जलाईं तो बाद में सदन में इस पर भी नोकझोंक भी हुई। सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा ने जो डिग्रियां जलाईं, वे भी फर्जी थीं। जयराम ठाकुर के हाथ में जो डिग्री थी, वह भी जाली थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता जब झूठ बोलकर जाली डिग्रियां जलाते हैं तो लोगों के मन में किस तरह की बात आती होगी, इसलिए तो कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया गया कि वहां पर फर्जीवाड़ा चलता रहा। इस पर सदन में विपक्ष ने नारेबाजी की। शुक्रवार को सदन में मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने वक्तव्य में कहा कि भाजपा झूठ न बोले और लोगों को न ठगे। डिग्रियां जलाओ, पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का नाम तो बदनाम न करो। क्या डिग्रियों में कुलपति के हस्ताक्षर किए जाने चाहिए थे।
इस पर नयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि पिछले चार दिन से सांकेतिक तरीके से सरकार की नाकामी को दर्शाया जा रहा है। इससे सरकार बौखला गई है। बाहर जो प्रदर्शन किया गया, वह सांकेतिक था। उसके बाद भी जब इनके नारों की आवाज भाजपा विधायकों के नारों से दब गई तो ये बौखला गए। उन्होंने कहा कि उनका यह आंदोलन सांकेतिक है। वे दो रुपये गोबर लेकर आए थे, इन्होंने नहीं खरीदा। पिछले कल बोले कि वेरका दूध लेकर आए। मीडिया ने भी पूछा, उनको भी बताया कि यह सांकेतिक है। यह प्रदेश के युवाओं का संदेश है। बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मुख्यमंत्री भी छात्र जीवन से आंदोलन करते रहे हैं।