भाजपा नेता सुरेश भारद्वाज, नरेंद्र बरागटा, राजीव सहजल, रणधीर शर्मा और आईडी धीमान ने सरकार और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर निशाना साधा है। आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और वीरभद्र सिंह अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए प्रेम कुमार धूमल और विरोधी नेताओं को फंसाने में जुटे हैं। कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है।
मुख्यमंत्री सत्ता छोड़ने की बजाय जनता का ध्यान बांटने को धूमल की संपत्तियों की जांच कराने में लगे हैं। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने हमेशा विकास और सिद्धांतों की राजनीति की है। वह पूर्व में स्पष्ट कर चुके हैं कि वह पुलिस विभाग, विजिलेंस, सीबीआई सहित किसी भी जांच एजेंसी से जांच के लिए तैयार है। पूर्व घोषित संपत्ति के अतिरिक्त एक इंच भी भूमि और संपत्ति जांच में मिलती है तो वीरभद्र सरकार उसे जब्त करे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि द्वेषपूर्ण कार्यवाहियों से वीरभद्र सरकार ने प्रदेश की राजनीति को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया है। होना यह चाहिए था कि वीरभद्र सिंह त्यागपत्र देकर अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों की जांच के पश्चात सत्ता में आते, लेकिन सरकार का धर्म अब विपक्षी नेताओं के खिलाफ विजिलेंस के सहारे षड्यंत्र रचना रह गया है।