विधानसभा क्षेत्र जवाली में एक बार फिर से अंतर्कलह की चिंगारी सुलगनी शुरू हो गई है। जवाली भाजपा के एकजुट होने के दावों की पोल खुल रही है। प्रदेश में जब प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा की पार्टी सत्तासीन थी तो उस समय संजय गुलेरिया को भाजपा प्रदेश ओद्यौगिक प्रकोष्ठ का संयोजक मनोनीत किया गया था।
उसके बाद प्रदेश में विस चुनाव के दौरान पार्टी टिकट न मिलने के कारण संजय गुलेरिया ने बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ा और पार्टी से बाहर रहे। लेकिन, हाल ही में लोस चुनाव के दौरान कांगड़ा-चंबा के सांसद शांता कुमार ने रुष्ट कार्यकर्ताओं को मनाकर पार्टी में वापस लिया।
इस दौरान निलंबित संजय गुलेरिया की भी पार्टी में वापसी हुई लेकिन शुक्रवार को भाजपा कार्यालय जवाली में मंडलाध्यक्ष रमेश राणा की अध्यक्षता में मंडल पदाधिकारियों के साथ हुई गुप्त बैठक में संजय गुलेरिया को पार्टी संगठन विरोधी कार्य करने के आरोप के चलते पार्टी से फिर से निलंबित कर दिया।