पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि एनआईटी हमीरपुर में छात्र की मौत के बाद शराब पीकर एक छात्रा के बेसुध होने के समाचार सुनकर हिमाचल के लाखों लोगों की रूह कांप रही होगी। देवभूमि हिमाचल में क्या हो रहा है। सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि सरकार और समाज सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि नशे के प्रकोप ने पूरे समाज को संक्रमित कर दिया है।
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वह सरकार और समाज को फिर से सावधान करना चाहते हैं कि कानून और संस्कार दोनों का प्रबंध करना पड़ेगा। कानून का पालन करवाने के लिए डर की बहुत आवश्यकता है। नशे के प्रकोप के लिए सजा सख्त होनी चाहिए। नशा करने वाले ही नहीं, बल्कि नशा सप्लाई करने वाले बड़े लोगों पर सरकार हाथ डाले। इस प्रकार के लोग जनता की नजरों में हैं, जो कोई काम नहीं करते, लेकिन करोड़पति हो गए है।
उनमें अधिकतर नशे की सप्लाई करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि केवल कानून से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। नई पीढ़ी को संस्कार देने का प्रबंध भी जल्द करना पड़ेगा। कहा कि इतिहास में पहली बार इतना गंभीर संकट सामने आया है, लेकिन सरकार और समाज कुछ नहीं कर रहे।