ऊना जिला में स्थित विश्वविख्यात चिंतपूर्णी मंदिर के लिए रोपवे निर्माण पर 76.50 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है। लगभग 1.1 किलोमीटर लंबे इस रोपवे का कार्य जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस रोप-वे से दोनों ओर एक घंटे में करीब 700 यात्रियों की आवाजाही होगी।
श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी यह रोपवे आकर्षण का केंद्र रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि चिंतपूर्णी मंदिर प्रदेश का प्रमुख शक्तिपीठ है। इस मंदिर को बाबा माईदास भवन पार्किंग से सिंगल लेन सड़क से जोड़ा गया है। नवरात्र के अलावा अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी भीड़ और यातायात जाम के कारण श्रद्धालुओं और सैलानियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए रोपवे बनाने का फैसला लिया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर में इस रोपवे से भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार ने हिमाचल में प्रतिवर्ष 5 करोड़ पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य तय किया है। धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है।