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सांसदों के गांवों ने 'गोद' से उतार दिए थे भाजपा प्रत्याशी, जानें पूरा मामला

Tue, 02 Apr 2019 10:26 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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शांता कुमार-अनुराग ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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आदर्श सांसद गांव योजना के तहत गोद लिए गांवों से विधानसभा चुनाव-2017 में भाजपा उम्मीदवारों को ज्यादा वोट नहीं पड़े थे। कांगड़ा-चंबा के सांसद शांता कुमार और हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर के गोद लिए गांवों में तो भाजपा उम्मीदवार कांग्रेस से पीछे ही रह गए थे।

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मंडी से रामस्वरूप और शिमला से वीरेंद्र कश्यप के गोद लिए गांवों में भी भाजपा प्रत्याशियों को 67 व सात वोटों की लीड मिली थी। अब लगभग डेढ़ साल बाद लोकसभा चुनाव में इन गोद लिए गांवों में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान होता है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी। 

हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने ऊना हलके की लोअर देहलां पंचायत को गोद लिया था। जहां भाजपा के प्रत्याशी 204 वोट से पिछड़ गए थे। लोअर देहलां पंचायत के तीन मतदान केंद्रों पर भाजपा को 733 और कांग्रेस उम्मीदवार को 937 वोट मिले थे। 

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फाइल फोटो
शांता कुमार ने चंबा जिला के भटियात विधानसभा क्षेत्र का परछोड़ गांव गोद लिया था। इस मतदान केंद्र पर कांग्रेस को 413 और भाजपा उम्मीदवार को 276 वोट पड़े थे। यहां भाजपा प्रत्याशी 137 मतों से पिछड़ गया था।

राम स्वरूप ने मनाली विधानसभा का ओल्ड मनाली गांव आदर्श सांसद गांव योजना के तहत गोद लिया था। विस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को इस मतदान केंद्र पर सिर्फ 67 वोट की बढ़त मिली थी। भाजपा को 543 और कांग्रेस को 467 वोट पड़े थे। 

शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप के दून विस क्षेत्र के जगजीत नगर से भाजपा को सिर्फ सात वोट की लीड मिल पाई थी। इस गांव के मतदान केंद्र में भाजपा प्रत्याशी को 239 और कांग्रेस को 232 वोट मिले थे।
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