उधर, उपचुनाव के लिए कांग्रेस टिकट के तय होने के बाद भाजपा के तय हुए कि नहीं, इस पर प्रदेशवासी पूरा दिन टोह लेते रहे। सोशल मीडिया पर इस बारे में खूब कमेंट होते रहे। कभी मंडी से ब्रिगेडियर को आगे तो कभी जुब्बल-कोटखाई से नीलम सरैक को लोग दौड़ में आगे बताते रहे। अर्की से रतनपाल सिंह और रीता ठाकुर के टिकट की रेस में आगे होने की चर्चा होती
रही। संसदीय बोर्ड की बैठक हो रही है कि नहीं। सुबह बैठक हुई कि नहीं।
अमावस्या और श्राद्धों का समय खत्म होने के बाद ही भाजपा टिकट तय होंगे या ये पहले नवरात्र को गुरुवार को ही तय होंगे। इस बारे में भी दिन भर चर्चा रही। शिमला के इंडियन कॉफी हाउस, आशियाना, राज्य सचिवालय से लेकर प्रदेश के कोने-कोने तक लोग फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर नजरें गड़ाए रहे और तरह-तरह के कमेंट भी करते रहे। कहां क्या समीकरण बन रहे हैं। ऐसे तमाम विषयों पर चर्चा करते रहे। बुधवार शाम तक टिकटों पर स्थिति स्पष्ट होगी, यह भी चर्चा रही। भाजपा नेता भी नई दिल्ली गए नेताओं से संपर्क में रहे और पूछते रहे कि टिकट तय हुए कि नहीं।