भाजपा और कांग्रेस की चिंता बढ़ती जा रही है। दोनों ही दलों को अपने नाराज नेताओं को आप में जाने से रोक पाना बड़ी चुनौती है। दोनों ही दलों के असंतुष्ट नेता बदले राजनीतिक माहौल के बीच ऊंट किस करवट बैठता है, इसका इंतजार कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनावी वर्ष में तीसरे मोर्चे के रूप में राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। खासकर बीते दिन बुधवार को मंडी में आप के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रोड शो के बाद सूबे की सियासी फिजाओं का पारा चढ़ गया है।
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भाजपा और कांग्रेस की चिंता बढ़ती जा रही है। दोनों ही दलों को अपने नाराज नेताओं को आप में जाने से रोक पाना बड़ी चुनौती है। दोनों ही दलों के असंतुष्ट नेता बदले राजनीतिक माहौल के बीच ऊंट किस करवट बैठता है, इसका इंतजार कर रहे हैं। वे सही समय पर फैसला लेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट से वंचित रहे नेताओं की इस बार भी अनदेखी की गई तो वे झटका दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को सीएम जयराम ठाकुर के गढ़ मंडी में चुनावी हुंकार भरकर तीसरे विकल्प की नींव रख चुके हैं। सादे लिबास में पहुंचे केजरीवाल ने लोगों के दिलों में जगह बनाने के लिए बिजली, पानी और स्कूल फीस को आधार बनाया है। उन्होंने प्रदेश की जनता से एक मौका मांगा है।
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अब हमीरपुर, कांगड़ा-चंबा और शिमला संसदीय क्षेत्रों में होंगे रोड शो
पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अनूप केसरी ने बताया कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सामने मंडी के बाद अब अन्य तीन संसदीय क्षेत्रों में भी रोड शो करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, कांगड़ा-चंबा और शिमला संसदीय क्षेत्रों के रोड शो के लिए दिल्ली से शेड्यूल जारी किया जाएगा। केजरीवाल ने वीरवार को प्रदेश के आप नेताओं को फोन कर मंडी रोड शो का फीडबैक भी लिया है।