नागरिक अस्पताल घुमारवीं (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
बिलासपुर जिले के नागरिक अस्पताल घुमारवीं ने अजीबोगरीब फरमान जारी किए हैं। प्रबंधन ने अस्पताल में फोटो और वीडियोग्राफी प्रतिबंधित कर दी है। अगर कोई अस्पताल परिसर में फोटो और वीडियोग्राफी करता है तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की जाएगी। यह फरमान करने की खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं ने जारी किए हैं। अगर अस्पताल में फोटोग्राफी करनी है तो इससे पहले प्रबंधन से इजाजत लेनी होगी।
प्रबंधन ने अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को पत्रकारों को अस्पताल परिसर में आने और उन्हें फोटो लेने पर रोकने के लिए कहा गया है, साथ ही हिदायत दी गई है कि अगर कोई भी पत्रकार अस्पताल परिसर में आना चाहता है तो उसे पहले खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जाकर अनुमति लेनी पड़ेगी। उसके बाद ही वह अस्पताल परिसर में दाखिल हो सकते हैं। यह आदेश किस मकसद से जारी किए गए हैं। यह जांच का विषय है।
पिछले दिनों वायरल हुआ था अव्यवस्था का वीडियो
पिछले दिनों घुमारवीं अस्पताल में एक सुरक्षाकर्मी के आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचे मरीज को ड्रिप लगाने का वीडियो और फोटो वायरल हुआ। वीडियो में अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खोल गई थी। इसकी शिकायत सचिव स्वास्थ्य विभाग शिमला को भी प्रेषित की गई थी। अब अस्पताल प्रशासन ने यह फरमान जारी किया है कि कोई भी व्यक्ति और पत्रकार अस्पताल परिसर में फोटो नहीं लेगा और वीडियो भी नहीं बनाएगा।
'पत्रकार को दिखाना होगा आईकार्ड'
कोई भी पत्रकार अस्पताल में आता है, तो वह पहले ऑफिस में आएं और अपना आईकार्ड दिखाएं। हम पहले देखेंगे कि यह पत्रकार पंजीकृत है या नहीं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी-
डॉ. आशुतोष शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
एक बैठक के लिए शिमला गया हुआ था। इस मामले की जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है-
डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिलासपुर