उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान न्यास की सराय और अन्य स्थानों पर जागरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कानून व्यवस्था की दृष्टि से मेले को नौ खंडों में विभाजित किया जाएगा। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए। पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाने, जाम की समस्या से निपटने के लिए अधिकारी कार्य योजना बनाकर जल्द प्रस्तुत करें। मेले के दौरान दुकानों पर खाद्य पदार्थों की व्यवस्था के प्रति जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अथवा सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान व फूड सेफ्टी विभाग निगरानी रखें। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएं।
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सेवाओं सुविधा के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी बिलासपुर को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपमंडल अधिकारी स्वारघाट धर्मपाल ने बताया कि मंदिर न्यास नयनादेवी मेले के दौरान दवाइयों की खरीद के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी नयनादेवी को 40 हजार रुपये, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी को 10 हजार रुपये की राशि दी जाती है, ताकि संबंधित विभाग द्वारा औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। मेले के दौरान सफाई व स्वच्छता के लिए खंड विकास अधिकारी व कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद व मंदिर अधिकारी संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे। बैठक में उप मंडलाधिकारी स्वारघाट धर्म पाल, तहसीलदार विपिन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रवीण कुमार, पुलिस उप अधीक्षक विक्रांत बौंसला उपस्थित रहे।