किराये पर चलने वाली बाइकों का अब व्यावसायिक पंजीकरण होगा। अवैध तरीके से चल रहे इस उद्योग की वजह से टैक्सी यूनियनों और बाइक टैक्सी संचालकों के बीच हो रहे टकराव के बाद अब पुलिस मुख्यालय ने पहल की है।
टकराव खत्म करने के लिए मुख्यालय ने परिवहन विभाग को पत्र लिखा है कि वह बाइकों का भी व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन करे और परमिट व्यवस्था लागू करे। साथ ही जब तक रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू न हो, तब तक निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कदम भी उठाए।
पुलिस मुख्यालय ने इस पत्र के साथ ही जिलों को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करें। पिछले महीने देहरादून से मनाली घूमने आए सैलानियों का मनाली में स्थानीय टैक्सी यूनियनों से विवाद हो गया था।
सैलानियों ने मनाली से ही रोहतांग तक के लिए बाइक किराए पर ली, लेकिन टैक्सी चालकों ने उन्हें नहीं जाने दिया। मामला मुख्य सचिव औक डीजीपी तक गया, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। दरअसल, यूनियन का कहना था कि वाहनों का बिना व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन के संचालन होना ही गलत है।
वाजिब कारण के चलते पुलिस भले ही कुछ नहीं कर सकी, लेकिन अब उसने परिवहन विभाग को इस मसले का स्थायी हल निकालने के लिए पत्र लिखा है।
दलील दी है कि जिस तरह महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा जैसे राज्यों में बाइकों का व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन होता है, उसी तरह हिमाचल में भी यह व्यवस्था शुरू की जाए। पुलिस प्रवक्ता डॉ. खुशहाल शर्मा ने मुख्यालय की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन को पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है।