प्रदेश में प्लास्टिक प्रतिबंधित करने के बाद प्रदेश सरकार अब छोटी पैकिंग वाली प्लास्टिक के निस्तारण के लिए भी नई कवायद में जुट गई है। प्रदेश के पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए जयराम सरकार अब शहरी निकायों में दूध, चिप्स जैसी पैकिंग वाली प्लास्टिक को इकट्ठा कर इसे सड़क बनाने में इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा इसे ईंधन के तौर पर इस्तेमाल के लिए सीमेंट उद्योगों को मुहैया कराया जाएगा।
इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कवायद करने जा रहा है। 2009 में तत्कालीन भाजपा की प्रेम कुमार धूमल सरकार ने प्रदेश में प्लास्टिक के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर देश में पहल की थी। इसे सख्ती से लागू करने के बाद अब भाजपा की ही वर्तमान जयराम सरकार प्लास्टिक के छोटे इस्तेमाल से पर्यावरण को बचाने के लिए नई पहल कर रही है।
इसके तहत प्लास्टिक के कचरे को शहरी निकायों के कलस्टर बनाकर इकट्ठा किया जाएगा। इसके बाद इन्हें उन स्थानों पर ले जाएंगे जहां इन्हें मशीनों के जरिये बारीक टुकड़े कर सड़क निर्माण के लिए इस्तेमाल योग्य बनाया जाएगा। वहीं, कुछ हिस्से को सीमेंट उद्योगों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
चूंकि प्लास्टिक की ज्वलनशीलता काफी होती है, ऐसे में सीमेंट उद्योग अपनी भट्ठियों में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि इस प्रस्ताव को सही से लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।