यूपी के बुलंदशहर के पर्वतारोही भूपेश ने महज आठ दिन में हिमाचल की स्पीति वैली में स्थिति 6180 मीटर ऊंची चोटी फतह कर उसे पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का नाम दिया है। उनके इस प्रस्ताव पर सर्वे ऑफ इंडिया तीस दिन में अपनी रिपोर्ट देगी जिस पर चोटी का नामकरण ‘माउंट कलाम’के रूप में कर दिया जाएगा। इस वैली में पहली बार किसी पर्वतारोही ने यह उपलब्धि हासिल की है।
बुलंदशहर के डीएम कॉलोनी निवासी भूपेश कुमार पुत्र डॉ. मोमराज सिंह के इस अभियान में साथ रहे नोएडा के अर्जुन वाजपेयी। भूपेश ने बताया कि उन्होंने ने 6 अक्तूबर से 18 अक्तूबर तक का प्लान बनाया और 14 अक्तूबर को सुबह साढ़े आठ बजे चोटी पर तिरंगा फहरा दिया।
0 डिग्री तापमान में 29 किमी ग्लेशियर का सफर तय किया
आठ अक्तूबर से न्यूनतम 10 डिग्री के बीच भूपेश और अर्जुन ने 29 किमी के ग्लेशियर का सफर तय किया, जो 11 को पूरा हुआ। इसके बाद 4800 मीटर की ऊंचाई पर बेस कैम्प और फिर 5700 मीटर की ऊंचाई पर सबमिट कैंप लगाया गया। भूपेश ने दावा किया कि पहली बार किसी पर्वतारोही द्वारा इस चोटी को फतह किया गया। इससे पहले भारत समेत तमाम देशों के पर्वतारोही इसे फतह करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन नाकाम रहे हैं।
गौरतलब है कि भूपेश इससे पहले भागीरथी 2, माउंट शिवलिंग, माउंट मैंथोसा, नंदाभनार, थेलू, फ्रेंडशिप पीक, खांग शिरिंग, छेतीघार आदि चोटियों को फतह कर चुके हैं। इसके अलावा भूपेश रोहतांग से कैलांग होते हुए कारगिल तक 150 किमी का पैदल ट्रैक महज 35 दिन में पूरा कर चुके हैं।