नगर निगम शिमला ने पानी के बिलों में बढ़ोतरी कर घरेलू उपभोक्ताओं को जोरदार झटका दिया है। निगम ने कई उपभोक्ताओं को चार तो कइयों को नौ महीनों का बिल जारी किया है। बिलों को देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं। यही नहीं, एक उपभोक्ता को तो नौ महीने का लाखों का बिल नगर निगम ने थमा दिया। इससे उनकी नींद गायब हो गई।
यह मामला टूटीकंडी में रहने वाले बृज मोहन के साथ पेश आया। जब पानी का बिल उनके घर आया तो एक लाख चौंतीस हजार नौ सौ अठावन रुपये देखकर उनका सिर चकरा गया। इस बात की जानकारी उन्होंने नगर निगम के मेयर को दी और लापरवाही के कारणों का पता लगाने का आग्रह भी किया। उन्होंने बताया कि उनका इतना बिल नहीं आ सकता।
पानी के बिल में 44000 रुपये सीवरेज सेस भी जोड़ दिया
बिल जारी करने में गड़बड़ी हुई है। इसके लिए नगर निगम जिम्मेदार है। हालांकि मेयर ने इसकी सूचना मीटर रीडिंग चेक करने वाले कर्मी को दी। पीड़ित ने बताया कि पानी के बिल संबंधी एक शिकायत पत्र एमसी को लिखा है, जिसमें पानी के मीटर रीडिंग संबंधी बातों की जानकारी दी है।
नगर निगम ने बृज मोहन के पानी के बिल में 44000 रुपये सीवरेज सेस भी जोड़ दिया है। जबकि उन्होंने तो सीवरेज कनेक्शन लिया ही नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि उनका अपना सीवरेज टैंक है तो किस बात के इतने पैसे दें? उनका छह लोगों का परिवार है और दो हजार व पच्चीस सौ से ज्यादा पानी का बिल कभी नहीं आया। लेकिन नौ महीनों का लाखों में बिल कैसे चुकता करें?
नगर निगम के आयुक्त बोले..
शिमला नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने कहा कि बिल की जांच कर रहे हैं। अगर सीवरेज सेस नहीं पाया गया तो बिल में कटौती की जाएगी। उपभोक्ता की समस्या का समाधान बहुत जल्द किया जाएगा।
वहीं अंतिम तारीख नजदीक आते ही पानी के बिलों को जमा करवाने के लिए इन दिनों नगर निगम के काउंटरों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
सुबह दस बजे से ही लोग बिल जमा करवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़े रहकर इंतजार कर रहे हैं। वहीं शुक्रवार को लोगों के पानी के भारी भरकम बिलों की बात को लेकर काउंटरों पर खूब चर्चा रही।