बध्यात से आगे नौ गांवों में भी सामाजिक प्रभाव आकलन ( एसआईए स्टडी) के तहत भू अधिग्रहण होगा। इस रेललाइन में वन विभाग से तीन फेज की एनओसी क्लियर हो चुकी है। निजी भूमि पर अधिग्रहण की अड़चनें थीं, लेकिन दो सप्ताह पहले तीन गांवों में सोलेसियम समेत जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन और ग्रामीणों में सहमति बनी।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन निर्माण के लिए प्रशासन और रेल विकास निगम ने प्रक्रिया तेज कर दी है। धरोट से बध्यात तक एसआईए स्टडी के तहत 23 गांवों की भूमि अधिग्रहण के लिए अधिनियम के तहत 8(2) की अधिसूचना गुरुवार को जारी कर दी गई। इन गांवों में अधिग्रहण के लिए सेक्शन 11 की अधिसूचना शुक्रवार को जारी होगी। अगर सेक्शन 11 के बाद इन गांवों में से किसी ने भी इस प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं जताई तो सीधे सेक्शन 19 की अधिसूचना होगी और जमीन का अधिग्रहण कर लिया जाएगा।
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इस रेललाइन का निर्माण कार्य पूरा करने का समय मार्च 2025 रखा गया है। भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई ने 63 किलोमीटर लंबी रेललाइन के लिए निजी भूमि पर 60 फीसदी जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। बध्यात से आगे नौ गांवों में भी सामाजिक प्रभाव आकलन ( एसआईए स्टडी) के तहत भू अधिग्रहण होगा। इस रेललाइन में वन विभाग से तीन फेज की एनओसी क्लियर हो चुकी है। निजी भूमि पर अधिग्रहण की अड़चनें थीं, लेकिन दो सप्ताह पहले तीन गांवों में सोलेसियम समेत जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन और ग्रामीणों में सहमति बनी। एक साथ करीब ढाई सौ बीघा भूमि के अधिग्रहण पर प्रशासन ने मुहर लगाई थी। अब एसआई के तहत 23 गांवों के लिए अधिसूचना जारी होने से प्रशासन की राह आसान हो गई है।
एसडीएम बिलासपुर सुभाष गौतम ने कहा कि इन 23 गांवों में सेक्शन 8(2) की अधिसूचना हो गई है। सेक्शन 11 की अधिसूचना भी जारी होने जा रही है। बध्यात से पीछे एक और बध्यात से आगे नौ गांवों के लिए एसआईए स्टडी की अधिसूचना भी जारी हो गई है। इन दस गांवों में भी एसआईए स्टडी के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होगी। बध्यात से पीछे 23 गांवों में सेक्शन 11 की अधिसूचना के बाद लोगों की आपत्तियां दर्ज होंगी। उसके बाद कोई आपत्ति नहीं मिलती है तो सेक्शन 19 की अधिसूचना जारी होगी। इस प्रक्रिया में डेढ़ से दो माह लगेंगे। अब तक बध्यात तक 580 बीघा भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। बध्यात से आगे अब 538 बीघा भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया पर कार्य शुरू है।