फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: हिमाचल-पंजाब में हक की जंग शानन प्रोजेक्ट में उग रहीं झाड़ियां, जानें पूरा मामला

Mon, 07 Oct 2024 11:20 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

मालिकाना हक के लिए चल रही वर्चस्व की जंग में पन विद्युत परियोजना बदहाल हो गई है। 132 केवी सब स्टेशन में झाड़ियां उग गई हैं। इससे हादसों की आशंका बढ़ रही है। 
विज्ञापन
शानन प्रोजेक्ट में उग रहीं झाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 पंजाब और हिमाचल के बीच 110 मेगावाट के शानन विद्युत परियोजना के मालिकाना हक की लड़ाई इसके उपकरणों, मशीनरी के रखरखाव पर भारी पड़ रही है। मालिकाना हक के लिए चल रही वर्चस्व की जंग में पन विद्युत परियोजना बदहाल हो गई है। 132 केवी सब स्टेशन में झाड़ियां उग गई हैं। इससे हादसों की आशंका बढ़ रही है।  परियोजना की तरफ जाने वाली सड़क कई सालों से गड्ढों में बदल गई है। सरकारी आवास सहित विद्युत उत्पादन के लिए बने भवन भी खंडहर हो गए हैं। 

विज्ञापन


हैरानी की बात है कि सालाना 200 से 300 करोड़ आमदनी हिमाचल के पानी से जुटाने के बाद भी परियोजना बदहाली के आंसू बहा रही है। जोगिंद्रनगर से करीब एक किलोमीटर दूर मंडी-पठानकोट हाईवे से परियोजना स्थल के लिए बनी सड़क पर दो फीट गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। इससे गाड़ियां हिचकोले खाते हुए गुजर रहीं हैं। पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। परियोजना के अधीक्षण अभियंता कार्यालय से 100 मीटर दूरी पर स्थित 132 केवी के सब स्टेशन झाड़ियों से घिर गया है। रेलवे स्टेशन से शानन तक बिछाई रेल पटरी भी झाड़ियों से दब गई है।

99 साल की थी लीज 
1925 में ऊहल नदी पर पनविद्युत परियोजना बनाने के लिए पंजाब को 99 साल के लिए भूमि लीज पर दी थी। इसके लिए तत्कालीन शासक राजा जोगिंद्र बहादुर और ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि कर्नल बीसी बैटी के बीच लीज हुई। मार्च 2024 में यह लीज अवधि खत्म होने पर अब दोनों राज्य परियोजना पर स्वामित्व हासिल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में दस्तक दे चुके हैं। 
विज्ञापन

विद्युत परियोजना के रखरखाव पर परियोजना प्रबंधन की ओर से कोताही नहीं बरती जा रही है। विद्युत उत्पादन से आमदनी का कुछ हिस्सा परियोजना के जीर्णोद्धार पर भी खर्च किया जा रहा है। उपकरणों के रखरखाव के अलावा नई मशीनरी के स्थापित करने पर भी राशि पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से खर्च की गई है।-सतीश कुमार, रेजीडेंट इंजीनियर, शानन परियोजना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें