99 साल की थी लीज
1925 में ऊहल नदी पर पनविद्युत परियोजना बनाने के लिए पंजाब को 99 साल के लिए भूमि लीज पर दी थी। इसके लिए तत्कालीन शासक राजा जोगिंद्र बहादुर और ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि कर्नल बीसी बैटी के बीच लीज हुई। मार्च 2024 में यह लीज अवधि खत्म होने पर अब दोनों राज्य परियोजना पर स्वामित्व हासिल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में दस्तक दे चुके हैं।
विद्युत परियोजना के रखरखाव पर परियोजना प्रबंधन की ओर से कोताही नहीं बरती जा रही है। विद्युत उत्पादन से आमदनी का कुछ हिस्सा परियोजना के जीर्णोद्धार पर भी खर्च किया जा रहा है। उपकरणों के रखरखाव के अलावा नई मशीनरी के स्थापित करने पर भी राशि पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से खर्च की गई है।-सतीश कुमार, रेजीडेंट इंजीनियर, शानन परियोजना