अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले में कार्तिक पूर्मिमा के उपलक्ष्य पर वीरवार को हजारों श्रद्घालुओं ने पवित्र रेणुका झील में स्नान करके मोक्ष की कामना की। पूर्णिमा स्नान महात्मय का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था।
दिन बढ़ने के साथ-साथ स्नानघाट पर श्रद्घालुओं की संख्या भी बढ़ रही थी। पवित्र स्नान के बाद श्रद्घालुओं ने पवित्र रेणुका झील की परिक्रमा करके मंदिरों में पूजा अर्चना कर देवताओं से आशीर्वाद मांगा।
सर्वप्रथम तीर्थ में स्थित संत महात्माओं ने झील में शाही स्नान करके इस परंपरा को निभाया। उसके बाद सभी श्रद्घालुओं ने बारी-बारी स्नान कर पुण्य कमाया। रेणुका झील में स्नान को गंगा की तरह पवित्र एवं शुभ माना जाता है।
पूर्णिमा के दिन रेणुका झील में स्नान करने से जहां पाप नष्ट होते हैं मनोकामना की भी पूर्ति होती है। स्नान महात्मय को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से श्रद्घालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। श्रद्घालुओं के लिए निर्वाण आश्रम, सन्यास आश्रम व गायत्री आश्रम में भंडारेकी व्यवस्था की गई थी। जहां हजारों श्रद्घालुओं ने प्रसाद गहण किया।