हिमाचल के कांगड़ा और मंडी जिला की सीमा पर मोहनघाटी में गांव के लोगों को भ्रमित कर नाले के पानी को बिना फिल्टर किए ही बेचते हुए एक व्यक्ति को संयुक्त विभागीय टीम ने पकड़ा है। टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर ही दुकान को बंद करवाया।
इस दौरान दुकान से भ्रमित करने वाले पोस्टर को भी हटाया गया। दुकानदार का दावा है कि पानी को पीने से सभी प्रकार के रोगों का इलाज हो जाएगा। लोगों को भ्रमित करने पर जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी एलडी ठाकुर और एसडीएम जोगिंद्रनगर राहुल चौहान ने दबिश देकर मोहनघाटी में दुकानदार से पूछताछ की। वहीं दुकानदार को कारण बताओ नोटिस भी थमाया।
जानकारी के अनुसार मोहनघाटी में एक दुकानदार पानी के पीने से सभी बीमारियों के इलाज होने का दावा कर रहा है। जिसकी सूचना एसडीएम जोगिंद्रनगर राहुल चौहान को मिली। उन्होंने एफएसओ मंडी के साथ दबिश दी और दुकानदार से मामले को लेकर पूछताछ की। इस दौरान दुकान से भ्रामक पत्रक भी मिले हैं।
वहीं, दुकान में पांच-पांच लीटर की 94 कैनियां मिली हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानदार कोई भी आवश्यक दस्तावेज नहीं बता पाया है। दुकानदार के पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही कोई लैब रिपोर्ट है। इसके अलावा दुकानदार बिना लेवल की कैनियों में पानी भर कर बेच रहा है। पानी का दाम भी स्वयं ही तय किया गया है।
दुकानदार पानी को प्रति लीटर 20 रुपये और पांच लीटर की कैन में 100 रुपये के हिसाब से बेचता है। पानी को भरने के लिए दुकानदार ने पांच मजदूर भी नौकरी पर रखे हैं। दुकानदार ने विशेष पत्रक भी तैयार किए हैं। जिसमें पानी पीने के फायदे बताए गए हैं और बीमारी ठीक होने पर यह पत्रक अन्य को बांटने की सलाह दी गई है।