भारतीय हॉकी टीम की दीवार कह जाने वाले गोलकीपर श्रीजेश भी पठानिया से गोलकीपिंग की बारीकियां सीख चुके हैं। इसके अलावा रुपेंद्र पाल सिंह और बीरेंद्र लाकड़ा भी उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
टोक्यो ओलंपिक में खेल रही पुरुष हॉकी टीम के चार खिलाड़ी हिमाचल प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय कोच रोमेश पठानिया के शिष्य रह चुके हैं। मेजबान जापान के साथ मैच के 34वें मिनट में गोल दागने वाले शमशेर सिंह वर्तमान में भी शिष्य हैं। भारतीय टीम की दीवार कह जाने वाले गोलकीपर श्रीजेश भी पठानिया से गोलकीपिंग की बारीकियां सीख चुके हैं। इसके अलावा रुपेंद्र पाल सिंह और बीरेंद्र लाकड़ा भी उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि शमशेर सिंह को करीब छह साल पहले जूनियर नेशनल के कैंप से बाहर कर दिया गया था। वह निराश होकर उनके पास आया। जिसके बाद उसने अपनी ट्रेनिंग शुरू की। शमशेर गेम मेकर हैं। वहीं श्रीजेश, रूपेंद्र और बरेंद्र भी उनसे प्रशिक्षण ले चुके हैं। उन्होंने देश की हॉकी टीम के 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंचने पर खुशी जताई और महिला, पुरुष टीम को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनके शिष्य दिनेश नाइक 1996 में ओलंपिक खेले थे। इतने सालों बाद पदक की उम्मीद जगी है। जिस तरह से दोनों टीमें खेल रही हैं, उससे मेडल पक्का लग रहा है।