हौसले बुलंद हों तो चुनौतियों के पहाड़ भी छोटे पड़ जाते हैं। यदि लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ते जाओगे तो मंजिल मिल ही जाएगी। चाहे कितनी भी मुसीबतें राह में बाधा क्यों न बनें, कामयाबी आपके कदम चूमेगी ही। यह कहना है यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली किन्नौर जिले के मूरंग की 28 वर्षीय निवेदिता नेगी का।
जनजातीय क्षेत्र के ताल्लुक रखने वाली निवेदिता नेगी ने सिविल सर्विस की परीक्षा 2016 में आल इंडिया रैंक में 650 अंक हासिल किया है। वह किन्नौर जिले में यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली दूसरी महिला बनी हैं। निवेदिता ने स्कूली शिक्षा कॉन्वेंट ऑफ जेसस एंड मेरी शिमला से ली। इसके बाद दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज से बीए कंप्यूटर साइंस करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए की।
आईपीएस बनना है लक्ष्य
इसके बाद पहली बार एचपीएस परीक्षा 2014 में की। उनका लक्ष्य आईपीएस बनने का है। अब उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार किया है। निवेदिता के पिता सत्यनारायण नेगी यूको बैक से वरिष्ठ प्रबंधक सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
जबकि माता नाम स्वर्गीय देव नेगी हैं। उन्होंने युवाओं को सलाह दी है कि यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा तैयारी के लिए पढ़ाई के साथ अपने विचार और सोच के अनुसार काम करें। युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी चाहिए।
डलहौजी की शिखा ने पास की सिविल सेवा परीक्षा
डलहौजी की बेटी शिखा ने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। परीक्षा के अंतिम परिणाम बुधवार को घोषित किए गए। शिखा ने सिविल सेवा परीक्षा में 439वां रैंक हासिल किया है। इस परीक्षा के लिए यह उनका तीसरा प्रयास था। शिखा मूलरूप से डलहौजी की रहने वाली हैं। इनका विवाह अमृतसर (पंजाब) के जश्नदीप सिंह रंधावा से हुआ है।
रंधावा आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में करनाल (हरियाणा) में एसपी के पद पर आसीन है। शिखा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डलहौजी से की है। इसके पश्चात शिखा ने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से बीडीएस करने के बाद लॉ में स्नातक की डिग्री भी हासिल की। शिखा के पिता बलदेव खोसला लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त हैं। शिखा की माता प्रवेश खोसला गृहिणी हैं।