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मतपत्र मामला: मतगणना में तैनात अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

Sun, 14 Feb 2021 11:19 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
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बैलेट पेपर की जांच करते हुए पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के धर्मपुर मतगणना केंद्र के समीप कूडे़ के ढेर में मतपत्र मिलने के बाद तैनात चुनाव अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जांच के बाद मतगणना प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। पुलिस को मौके से 25 मतपत्र समेत दो सील बंद पैकेट मिले हैं। बंद पैकेटों में भी आयोग के दस्तावेज बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मामले की हर पहलुओं से जांच कर रही है। आखिर ये मतपत्र कैसे पहुंचे। मतगणना केंद्र में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जाएगी। 

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पंचायती चुनाव में धर्मपुर स्कूल को मतगणना केंद्र बनाया गया था। मतदान के करीब तीन सप्ताह बाद मतगणना केंद्र के समीप स्थानीय लोगों को कूड़े के ढेर में मुहर लगे मतपत्र मिले हैं। उधर, पंचायत अधिकारी मोती लाल ने बताया कि मतगणना के बाद मतपत्रों को छह माह से एक वर्ष तक अपने रिकॉर्ड में रखा जाता है। मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतपत्र सुरक्षा के बीच जिला कार्यालय के स्ट्रांग रूम सील कर रखे जाते हैं।  

स्कूल की सफाई के दौरान तो नहीं फेंके गए मतपत्र 
मतपत्र किसने फेंके चर्चा का विषय बना हुआ है। 15 फरवरी से प्रदेश के सभी स्कूल खुल रहे हैं। धर्मपुर स्कूल के कमरों को भी साफ किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कमरे की सफाई करते हुए कर्मचारी ने क्लास रूम को साफ करते हुए कूड़े के साथ इसे फेंका हो।
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बारिश-बर्फबारी के बाद फेंके गए मतपत्र 
लोगों में यह भी चर्चा है कि मतगणना के बाद बैलेट पेपर फेंके होते तो बारिश और बर्फबारी के दौरान खराब हो गए होते। मौके से मिले बैलेट पेपर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जिला परिषद उम्मीदवार राजकुमार का कहना है कि वह अगले सप्ताह हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

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