जिस व्यक्ति को पपरोला आयुर्वेदिक संस्थान में कम नंबरों के कारण दाखिला नहीं मिल सका था, उसी व्यक्ति ने सबसे कम उम्र में पद्मश्री हासिल किया।
पपरोला कालेज में आयोजित नेशनल कांफ्रेंस में विशेष मेहमान के तौर पर आए डा. बालेंद्र प्रकाश (पद्मश्री) ने 1978 में पपरोला आयुर्वेदिक कालेज में एडमिशन के लिए आवेदन किया था। लेकिन 48 प्रतिशत अंक होने के कारण उनका दाखिला नहीं हो सका और वे मायूस हो गए।
बाद में उन्होंने इसी वर्ष दिल्ली में घनवंतरी कालेज में एडमिशन ले ली और एक वर्ष के बाद एमडी विश्वविद्यालय रोहतक के लिए माईग्रेट हो गए। 1985 में उन्होंने मेरठ में निजी प्रेक्टिस शुरू कर दी और 1989 में देहरादून शिफ्ट हो गए। पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायण के साथ रहे।