न हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा इंसान की औलाद है इंसान बनेगा... की तर्ज पर बिलासपुर शहर के रौड़ा सेक्टर में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बच्चे श्रीराम लीला के माध्यम से भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। राम और रहीम में कोई भेद न समझने वाले बच्चे बाल रामलीला में श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के किरदार निभा रहे हैं।
आपसी भाईचारे का संदेश देती इस रामलीला में करीब 35 युवाओं की टीम कार्य कर रही है। खास बात यह है कि पिछले चार वर्षों से लगातार जारी बाल रामलीला में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बच्चों के अभिभावक भी हर संभव सहयोग करते हैं। बाल रामलीला को देखने के लिए रोजाना सैकड़ों दर्शकों की भीड़ जुटती है।
रावण का किरदार निभा रहे शहबाज खान
बाल राम नाटक समिति के बैनर तले चल रही इस रामलीला में प्रयोग होने वाले सेट और मुकुट भी युवा स्वयं तैयार करते हैं। रामलीला में राम का किरदार जतिन, लक्ष्मण सौयम, सीता मुकुल, हनुमान आरब खान, रावण शहबाज खान, सुग्रीव शिवम डोगरा, मेघनाद कमल, विश्वामित्र अंकित, अंगद शिवम राणा, केवट कमल कुमार और कुंभकरण का अभिनय अभिषेक निभा रहे हैं। आगामी दो नवंबर तक चलने वाली इस बाल रामलीला के अंतिम दिन शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
साथ ही रावण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे। राम लीला के दूसरे दिन श्री राम जन्म, विश्वामित्र का आश्रम, दशरथ दरबार और ताड़का वध जैसे दृश्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। रामलीला में शाहरुख, सुमित शर्मा, राजन शान और संजीव कुमार सहित कई लोग सहयोग कर रहे हैं। समिति के प्रधान युवा अजय कुमार ने बताया कि इस कार्य के लिए क्षेत्र के लोगों से चंदा लिया जाता है।