हिमाचल में बीएड की फीस बढ़ाने की तैयारी है। इसमें 40 से 45 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है। इधर, निजी बीएड कॉलेज एसोसिएशन मान रही है कि फीस दोगुना हो गई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं आया है।
एनसीटीई की ओर से बीएड कोर्स को नए सत्र से दो साल कर देने के बाद प्रदेश सरकार ही दो वर्षीय कोर्स की फीस तय करेगी। इससे साफ है कि बीएड कोर्स की फीस बढ़ेगी। यह कितनी होगी, अभी साफ नहीं है। प्रदेश भर में विवि के दो और 73 निजी बीएड कॉलेजों में करीब साढ़े आठ हजार छात्र हर साल बीएड में प्रवेश लेते है।
कोर्स दो साल का होने के बाद हर कॉलेज की यूनिट में फर्क आ गया है, जो यूनिट पहले सौ छात्रों की होती थी, उसे अब 50 का कर दिया गया है। इससे जाहिर है कि कॉलेजों में यूनिट का साइज छोटा कर दिया गया है।
दो वर्षीय कोर्स के हिसाब से ही कॉलेजों को प्रवेश देना होगा। इसके लिए सभी कॉलेजों ने एनसीटीई को शपथ पत्र सौंपे हैं।
एनुअल फीस स्ट्रक्चर करेंगे फॉलो: राणा
निजी बीएड कॉलेज एसोसिएशन के प्रबंध सचिव जीत सिंह राणा ने कहा कि बीएड कोर्स दो साल का कर दिया गया है। इसकी फीस भी डबल हो गई है। प्रोस्पेक्टस में वार्षिक फीस ढांचा एक साल का दिया गया है।
बीएड दो साल की हुई है तो फीस भी दो साल के हिसाब से ली जाएगी। उन्होंने कहा कि निजी बीएड संचालक एनुअल फीस स्ट्रक्चर के हिसाब से फीस की दरों को फॉलो करेंगे। बीएड जब दो साल की कर दी गई है तो फीस भी दो की वसूली होगी।
मौजूदा समय में यह है बीएड का फीस स्ट्रक्चर
विवि परिसर और धर्मशाला स्थित विवि के संस्थान में बीएड कोर्स की अब तक की फीस 6,440 रुपये है। छात्र से काउंसलिंग के समय में करीब तीन हजार रुपये से अधिक चार्ज यूनिवर्सिटी को अदा करने होते हैं।
निजी बीएड कॉलेज में प्रति छात्र फीस 46,750 और करीब साढ़े तीन हजार यूनिवर्सिटी चार्जेज हैं। विवि से जारी प्रोस्पेक्टस में अभी तक पुराना स्ट्रक्चर ही दिया गया है।
सरकार ही तय करती है बीएड का फीस स्ट्रक्चर
निजी बीएड कॉलेजों का फीस स्ट्रक्चर प्रदेश सरकार ही तय करती है। कोर्स के दो वर्ष का किए जाने के बाद अब निजी बीएड कॉलेज संघ भी फीस बढ़ाने के मामले को सरकार के समक्ष उठाने की तैयारी में है। बीएड में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक छात्रों को फीस बढ़ोतरी का झटका लगेगा।
कोर्स दो साल का होने पर कॉलेज यूनिट में फर्क
कोर्स दो साल का होने के बाद हर कॉलेज की यूनिट में फर्क आ गया है, जो यूनिट पहले सौ छात्रों की होती थी, उसे अब 50 का कर दिया गया है। इससे जाहिर है कि कॉलेजों में यूनिट का साइज छोटा कर दिया गया है। दो वर्षीय कोर्स के हिसाब से ही कॉलेजों को प्रवेश देना होगा।