लाहौल घाटी के झोलिंग गांव के समीप जबेन नाला में सोमवार को हिमस्खलन हुआ है। हिमस्खलन से चिनाव नदी का बहाव करीब एक घंटे तक रुका रहा। मनाली स्थित हिम और हिमस्खलन अध्ययन संस्थान (सासे) ने कुल्लू और लाहौल में हिमखंड व हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। वहीं ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में सोमवार को बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहा।
हिमाचल के कई स्थानों में हिमस्खलन की चेतावनी
बर्फबारी के बाद रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी दी है। जिला आपदा प्रबंधन को इसकी एडवायजरी जारी की गई है। इसके अलावा मोबाइल पर मैसेज भेजकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डीजीआरई ने अटल टनल के साउथ और नॉर्थ पोर्टल, मढ़ी-रोहतांग और कोकसर क्षेत्र में हिमस्खलन गिरने की तृतीय श्रेणी की आशंका जताई है।
लिहाजा, इन क्षेत्रों को हिमस्खलन के लिहाजा से असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है। डीजीआरई की ओर से जारी की गई एडवायजरी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और आम जनता से इस ओर अनावश्यक यात्रा नहीं करने और सावधानी बरतने की अपील की है। बर्फबारी के बाद मौसम साफ होते ही हिमस्खलन की आशंका रहती है। डीजीआरई की ओर से जारी की गई एडवायजरी में हिमाचल के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में हिमस्खलन की आशंका जताई गई है।
मनाली-लेह मार्ग पर मढ़ी-रोहतांग-कोकसर-सिस्सू-तांदी, तांदी-केलांग-दारचा, अटल टनल रोहतांग नॉर्थ पोर्टल-सिस्सू-तांदी हिमस्खलन के लिहाज से असुरक्षित श्रेणी में रखे गए हैं। अटल टनल के साउथ पोर्टल, ब्यास कुंड क्षेत्र, उदयपुर-किलाड़-चंबा मार्ग पर तांदी-कीर्तिंग, थिरोट, कुकुमसेरी, फिंडरु, थमोह, किलाड़, किलाड़-गाहर दुनेई-पांगी आदि क्षेत्र भी असुरक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
इसी की साथ ही लाहौल-कुल्लू के नेहरूकुंड-कुलंग-पलचान और कोठी, कोठी से रोहतांग दर्रा, पलचान से सोलंगनाला, सोलंगनाला से धुंधी, कुल्लू जिले खनाग-जलोड़ी पास क्षेत्र में भी हिमस्खलन होने की आशंका जताई गई है। एसडीएम मनाली डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि मनाली से आगे ऊंचाई वाले सभी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है। इससे हिमस्खलन की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि डीजीआरई की एडवायजरी के बाद अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और लोगों से आग्रह किया कि वे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाएं।