हिमाचल में क्रिप्टोकरेंसी ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच कर रही पुलिस एसआईटी ने आरोपियों की पांच करोड़ रुपये की संपत्ति सीज कर दी है। ये संपत्तियां आरोपी सुभाष, सुखदेव, हेमराज और अन्य आरोपियों की की हैं। इससे पहले पुलिस ने एक करोड़ की संपत्ति सीज की थी। क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में एक लाख लोगों की ढाई लाख आईडी से ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है। एसआईटी ने हाल ही में गिरफ्तार सात आरोपियों की संपत्तियों को भी खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस राजस्व विभाग और आयकर विभाग से रिकॉर्ड जुटा रही है। एसआईटी जल्द ही मामले में चार और आरोपियों पर शिकंजा कसने जा रही है।
जांच टीम गिरफ्तार आरोपियों से उनके बारे में पूरी डिटेल एकत्र कर रही है। पुलिस को मुख्य आरोपी सुभाष और ऊना के अभिषेक की तलाश है। हालांकि, एसआईटी की दावा है कि आरोपी जहां भी छिपे होंगे, उन्हें पकड़कर हिमाचल लाया जाएगा। सुभाष दुबई में छिपा है। उसे हिमाचल लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विदेश मंत्रालय से इस बारे में लिखित विचार विमर्श चल रहा है। विधानसभा में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी का मामला गूंजने के बाद सरकार ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है। डीआईजी अभिषेक दुल्लर के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है। अब तक 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई भी कर रही मामले की जांच हिमाचल में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही है। केंद्रीय एजेंसियां लगातार एसआईटी के प्रमुख डीआईजी अभिषेक दुल्लर के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।