ड्रोन से नजर, 500 पुलिस जवान लगाए
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए पुलिस विभाग ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विस सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों सहित 500 जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा अन्य पुलिस कर्मचारियों की भी रोटेशन में सेवाएं ली जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग ने चौकसी बढ़ा दी है। असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। पुलिस मुख्यालय पल-पल की जानकारी लेगा। मंगलवार से ही पुलिस जवान ड्यूटी में जुट गए हैं। प्रवेश द्वार शोघी बैरियर, टुटू चौक, मशोबरा बाइफरकेशन, मैहली-जुन्गा बाईपास, सैंज खड्ड, कुपवी, चौपाल के अंतरराज्यीय बैरियर कुड्डू और जमराड़ी चेक पोस्ट पर पुलिस का कड़ा पहरा है। बाहरी क्षेत्र से आने वाले गाड़ियों की बैरियर पर जांच की जा रही है। बजट सत्र के चलते शिमला को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। विस परिसर की सड़कों पर बैरिकेड्स के साथ हथियारबंद जवान तैनात रहेंगे। रेलवे स्टेशन से ओल्ड बस स्टैंड होते सचिवालय को चौथा सेक्टर, जबकि विक्ट्री टनल से वाया लक्कड़ बाजार-ढली को सेक्टर पांच में रखा है। यातायात व्यवस्था की निगरानी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से होगी।
बजट सत्र में मांगों को लेकर विस के बाहर गरजेंगे संगठन
विधानसभा बजट सत्र में मांगों को लेकर विधानसभा के बाहर प्रदेश के विभिन्न संगठनों के हजारों कर्मचारी हुंकार भरेंगे। संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और कर्मचारियों के अलावा अभ्यर्थी चौड़ा मैदान स्थित आंबेडकर चौक में एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के माध्यम से विधानसभा के बाहर प्रर्दशन करेंगे। 14 फरवरी को जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जोओए) आईटी के अभ्यर्थी परिणाम जल्द जारी नहीं होने पर रोष में है। अभ्यर्थी करीब डेढ़ साल से कर रहे रिजल्ट का इंतजार कर रहे है। अभ्यर्थी आंबेडकर चौक पर सुबह 11 बजे एकत्रित होंगे। विधानसभा तक रैली निकालेंगे। इसी तरह 15 फरवरी को पीडल्ब्यूडी मल्टी टास्क यूनियन और 16 फरवरी को आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, जिला प्रशासन ने सशर्त पर सभी संगठनों ने रैली के लिए जिला प्रशासन से मंजूरी ली है। इस दौरान संगठनों की ओर से सार्वजनिक शांति भंग नहीं होनी चाहिए। यातायात के साथ-साथ आम जनता की सुचारू आवाजाही में बाधा नहीं पहुंचानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके अलावा रैली के दौरान लाठी, पाइप, बैनर और साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध रहेगा।