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जानिए एशियाड कबड्डी के सितारों के जज्बात

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छह अक्तूबर को आ रही हूं। छह को दिल्ली पहुंचूंगी। सात अक्तूबर को बिलासपुर आऊंगी। मिलकर कुलदेवी मां जालपा के दर्शन करने जाएंगे। एशियाड में गोल्ड जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम का हिस्सा बनीं बिलासपुर की पूजा ने अपने परिजनों को यह मैसेज भेजा है। हालांकि, अभी तक पूजा से परिजनों की बात नहीं हुई है।
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सात को बिलासपुर पहुंचने पर पूजा का भव्य स्वागत होगा। नौणी चौक में न केवल उसके परिजन, बल्कि ग्रामीण और कबड्डी प्रेमी भी जुटेंगे। इसके पश्चात स्योहला स्थित निवास पर बेटी की कामयाबी पर बिलासपुरी धाम परोसी जाएगी। पूजा के पिता सतपाल ठाकुर ने बताया कि उनकी पूजा से बात नहीं हुई है, लेकिन उसका मैसेज आया है।

वह सात को बिलासपुर पहुंच रही हैं। सर्वप्रथम परिवार सहित संगीरठी स्थित कुलदेवी मां जालपा के दर्शन को जाएंगे। उधर, पूजा की कामयाबी से जिले में खुशी की लहर है। कबड्डी संघ एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर ने कहा कि पूजा की कामयाबी पर हिमाचल को फख्र है। इससे हिमाचल गौरवान्वित हो गया है।
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मेडल लेते वक्त छलक गई थी आंखें

एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद तिरंगा लेकर खुशी मनाई। यह बात कबड्डी टीम की खिलाड़ी मनाली के जगतसुख गांव की रहने वाली कविता ठाकुर ने फोन पर अपनी मां से कही। कविता के माता कृष्णा ठाकुर से बताया कि जैसे ही भारतीय महिला कबड्डी टीम ने गोल्ड मेडल जीता इसके बाद उनकी बेटी कविता ने उन्हें फोन किया। कविता ने बताया कि भारत ने गोल्ड मेडल जीत लिया है।

बताया कि जीत के बाद खुशी में झूमते हुए तिरंगा को लेकर पूरे मैदान का चक्कर लगाया। कहा कि सबसे सुनहरा और गौरवान्वित तब हुआ, जब उन्हें मेडल के साथ सम्मानित किया जा रहा था। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। दूसरी ओर, भारतीय तिरंगे के साथ राष्ट्रीयगान गाया जा रहा था।

कहा कि इस ऐतिहासिक और यादगार पल में उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। कविता ने बताया कि उनके लिए देश सबसे पहले है। कहा कि वह 7 अक्तूबर को वापस मनाली आ रही हैं। सबसे पहले देवी-देवताओं से आशीर्वाद लेंगी। कृष्णा ठाकुर ने कहा कि उनकी बेटी कविता ने एशिया खेलों में भाग लेने से पहले गोल्ड मेडल जीतकर लाने का वादा किया था।
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बस! अब दुल्हन ले आए अजय

कबड्डी में गोल्ड जीतने के बाद दोपहर दो बजे अजय ठाकुर ने अपनी मां राजेंद्र कौर से फोन पर बात की। मां के अनुसार अजय गोल्ड मेडल जीतने के बाद काफी खुश थे। अजय ने मां से कहा कि उनकी दुआ का असर इतना था पहले हाफ में मैच में पिछड़ने के बावजूद वे जीतने में सफल रहे। राजेंद्र कौर शनिवार को प्रीतिभोज की तैयारियों में जुटी रहीं। पिता छोटूराम और बड़े भाई अमित ठाकुर निमंत्रण देने में व्यस्त रहे।

मां ने अमर उजाला को बताया कि उनकी आठ साल की तपस्या रंग लाई। मन्नत मांगने का सिलसिला 2007 से शुरू हो गया था। इच्छा थी कि बेटा एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीते। वह अब पूरी हो गई है। अब एक ही इच्छा है कि वह अपने बेटे के लिए सुंदर सी दुल्हन लाएं। बताया कि बेटे के लिए रिश्ते तो बहुत आए, लेकिन एशियन गेम्स की वजह से किसी को हां नहीं की। अगर अजय से हरी झंडी मिलती है तो वे फरवरी या मार्च में अजय की शादी करने को तैयार हैं। अभी तक अजय की अपने पिता से बात नहीं हुई है। छोटूराम 7 अक्तूबर को ही अजय को नालागढ़ में बधाई देंगे।

सात को घर पहुंचेंगे अजय ठाकुर
अजय ठाकुर 5 अक्तूबर सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। सात अक्तूबर को अजय के स्वागत का कार्यक्रम नालागढ़ में है। वह सात अक्तूबर को सुबह चंडीगढ़ से नालागढ़ पहुंचेंगे। चंडीगढ़ में 6 अक्तूबर को अपनी बहन के घर रुकेंगे। सुबह साढ़े दस बजे अजय का नालागढ़ में स्वागत होगा। इसमें दून और नालागढ़ के विधायक भी शामिल होंगे। डेढ़ बजे अजय अपने गांव दभोटा पहुंचेंगे। प्रीतिभोज दो बजे से शुरू हो जाएगा। यह देर रात तक चलेगा।
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