बलिदानी आशीष कुमार को हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई
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अरुणाचल में ऑपरेशन अलर्ट के दौरान सैन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बलिदान हुए आशीष कुमार के अंतिम दर्शनों के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। गुरुवार सुबह 6:12 बजे पार्थिव देह पांवटा पहुंची। इस दौरान जमकर बारिश होती रही। पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए भरली गांव लाया गया। बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे। गिरिपार में जगह-जगह अंतिम दर्शन के लिए लोग सड़कों पर उमड़े। इसके बाद पार्थिव देह को भरली से स्वर्गधाम यमुनाघाट पांवटा साहिब लाया गया। यहां लोगों ने नम आंखों से जवान का अंतिम विदाई दी। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय, आशीष अमर रहे के नारे लगाए। आशीष के दोनों भाइयों ने मुखाग्नि दी। इस दौरान एसडीएम पांवटा गुंजीत सिंह चीमा, एएसपी अदिति सिंह, तहसीलदार ऋषभ शर्मा, पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग, सैनिक कल्याण बोर्ड सिरमौर के उप निदेशक मेजर दीपक धवन, भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा शिलाई इकाई अध्यक्ष करनैल सिंह, उपाध्यक्ष नरेंद्र ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने आशीष कुमार को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने मां संतरो देवी, भाई रोहित, राहुल और बहन पूजा समेत परिजनों को सांत्वना दी।
बता दें, सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र आंजभोज के भरली गांव निवासी आशीष कुमार का जन्म 14 मार्च 1999 को हुआ और वर्तमान में वे 19 ग्रेनेडियर बटालियन के अधीन अरुणाचल प्रदेश में सेवारत थे। करीब छह साल पहले आशीष सेना में भर्ती हुए। आशीष के पिता श्याम सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। अब परिवार में उनकी मां, बड़े भाई राहुल, जुड़वां भाई रोहित तथा बहन पूजा हैं। पूजा वन विभाग में बतौर वनरक्षक तैनात हैं।