रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान।
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सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी में आम आदमी पार्टी की तिरंगा रैली में शक्ति प्रदर्शन कर अरविंद केजरीवाल झलक तो अच्छी दिखा गए, पर पहाड़ की चढ़ाई चुनौती भरी होगी। उम्मीद थी कि इस रैली में चुनावी शंखनाद के साथ आप हिमाचल में सीएम के चेहरे के साथ उतरेगी। ऐसा हुआ नहीं। हालांकि, बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के पंजाब, दिल्ली और हिमाचल से भीड़ जुटाकर आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव की रण में हुंकार भरने में काफी हद तक कामयाब रही। इसे आगे बरकरार रखना बहुत आसान नहीं होगा। हिमाचल के लोगों के बारे में यह धारणा भी है कि वे इतनी जल्दी किसी को अपनाते नहीं हैं। पूरी परख के बाद ही कोई फैसला लेते हैं।
ज्यादा से ज्यादा पहाड़ के लोगों को साथ जोड़कर आगे का रास्ता तैयार करने में आम आदमी पार्टी को कुछ वक्त भी लग सकता है। इस रणनीति पर भी काम हो रहा है। आगे की राह आसान बनाने के लिए जगह-जगह कांग्रेस और भाजपा से नाराज चलने वालों को साथ लिया जा रहा है और मंडी में समर्थन के बाद अब आप के कार्यकर्ता पूरे हिमाचल में तिरंगा रैली की तैयारी में हैं। यदि इस के शक्ति प्रदर्शन अन्य जिलों में भी हुए तो यह कांग्रेस और भाजपा के लिए खतरे की घंटी होंगे और आप को रोकने के लिए हिमाचल में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष में बैठी कांग्रेस को विशेष रणनीति के तहत काम करना होगा वरना दिल्ली और पंजाब में चली आप की झाडू यहां भी बहुत कुछ साफ कर सकती है।
चढ़ा सियासी पारा, तीन मुख्यमंत्री एक साथ गरजे
हिमाचल में विधानसभा चुनाव का माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और भाजपा के अलावा थर्ड फ्रंट चुनावी रण में कूद पड़े हैं। बुधवार को तीन राज्यों के मुख्यमंत्री मंडी में गरजे। सीएम ने गृह जिला के खुद के विधानसभा क्षेत्र सराज के थुनाग में भाजपा के स्थापना दिवस पर मोर्चा संभाला तो वहीं सीएम के गृह जिला में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनावी ललकार भरी। वहीं सोमवार को कांग्रेसी भी मंडी में गरज कर प्रदर्शन कर चुके हैं।
अरविंद और भगवंत के शो में नहीं दिखे हिमाचल के नेता
रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के साथ गाड़ी में हिमाचल के एक भी नेता को जगह नहीं मिली। इस बात को लेकर आप का दामन थामने वालों में चर्चा है। वहीं, भीड़ को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस आम आदमी पर सवाल उठा रही है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि पंजाब और दिल्ली से भीड़ एकत्र की गई है, जबकि हिमाचल के कोने-कोने से आम आदमी पार्टी की तिरंगा यात्रा में पहुंचने वालों को वाहन की सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई।