हिमाचल प्रदेश के छोटा शिमला के निगम विहार में रहने वाली शूटर अर्शिया ओेझा (लाहौल) ने बिना प्रशिक्षण लिए एअर राइफल शूटिंग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। दिल्ली टेक्नालॉजी यूनिवर्सिटी के तहत दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग करने के बाद अर्शिया ने नामी कंपनियों में कार्य किया। कोविड काल में अर्शिया ने मास्टर क्रिमिनोलॉजी विषय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्राइम एंड फोरेंसिक स्कूल से पढ़ाई की। इसकी प्रवेश परीक्षा में पांचवां स्थान पाया।
अर्शिया ने शिमला में हुई 27वीं राज्य स्तरीय शूटिंग चैंपियनशिप में एअर राइफल शूटिंग के वरिष्ठ वर्ग में 10 मीटर की स्पर्धा में रजत और 22 राइफल की 25 मीटर प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। वर्ष 2018 में जिला स्तरीय चैंपियनशिप में स्वर्ण और राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इन्होंने राष्ट्रीय स्तर की जीवी मावलंकर प्रतियोगिता में वर्ष 2018 में भाग लिया था। इसमें 56वें स्थान पर रही थीं। जोनल प्रतिस्पर्धाओं में दिल्ली और देहरादून में भी भाग ले चुकी हैं। जयपुर में हुई शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकी हैं।
इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला से प्रशिक्षण ले रहीं और दयानंद स्कूल की बारहवीं कक्षा की छात्रा अपर्णा चंदेल ने राज्य स्तरीय शूटिंग स्पर्धा में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। वह भारतीय शूटिंग टीम के लिए ट्रायल देने वाली प्रदेश की सबसे छोटी उम्र की खिलाड़ी हैं। अपर्णा नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सिलेक्शन ट्रायल के लिए क्वालिफाई करने के बाद टीम इंडिया के लिए छह में से चार ट्रायल दे चुकी हैं।
इंदिरा गांधी खेल परिसर में पिस्टल शूटिंग का पांच साल से प्रशिक्षण ले रही हैं। अपर्णा ने शिमला में हुई 27वीं राज्यस्तरीय शूटिंग चैंपियनशिप में दस मीटर एअर पिस्टल जूनियर वुमन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। उनका चयन नॉर्थ जोन के लिए हुआ है। उन्होंने टीम इंडिया के ट्रायल के लिए क्वालिफाई किया है। भोपाल और दिल्ली में ट्रायल दे चुकी हैं। इसमें टॉप थ्री में स्थान पाने पर अपर्णा का भारतीय टीम के लिए चयन हो जाएगा। अपर्णा ने कहा कि उनका सपना भारत के लिए मेडल जीतना है।