शिमला में प्रेसवार्ता करते हुए प्रदेशाध्यक्ष एसएस जोगटा।
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अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ अफसरों के खिलाफ भड़क गए हैं। महासंघ ने आरोप लगाया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कुछेक अफसर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी आदेशों को विभाग के अफसर नहीं मान रहे हैं।
महासंघ ने अफसर लॉबी को चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद अगर अफसर लॉबी कर्मचारियों की मांगों पर गौर नहीं करती है तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जाएगी। प्रदेशाध्यक्ष एसएस जोगटा ने प्रेसवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा है।
कर्मचारियों को खुश किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की सेवानिवृत्त आयु 58 से बढ़ाकर 60 साल, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी, छूटे हुए कर्मचारियों को 4-9-14 का वित्तीय लाभ करुणामूलक एक मुश्त नौकरी की मांग की है।
मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया
जोगटा ने कहा कि प्रदेश सरकार के बजट से कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
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उन्होंने कहा कि सीएम ने कर्मचारियों को डीए, ठेकेदारी प्रथा समाप्त, नर्सों के पद भरे जाना, गृहरक्षकों के मानदेय 280 से बढ़ाकर 350 रुपये किया जाना, जलवाहकों को मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
प्रेसवार्ता में महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष के अतिरिक्त कर्मचारी नेता त्रिलोक ठाकुर, राजीव चौहान, शिमला कर्मचारी महासंघ के महासचिव नृपजीत सिंह, उपाध्यक्ष गंगा राम डोगरा, प्रेस सचिव एमआर वर्मा, वित्त सचिव सुदामाराम, प्रदेश नर्सिंग टीचर महासंघ की सचिव
सुशमा ठाकुर, प्रदेश नर्सिंग संघ महासचिव कल्पना रचैक सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से पेश किए गए 19वें बजट की सराहना की।