मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने अधिकारियों को हर जिले में हेलीपोर्ट स्थापित करने के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए। गुरुवार को प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से कार्यान्वित की जा रहीं पर्यटन परियोजनाओं के प्रगति कार्य की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि इससे यात्री परिवहन सेवाएं सुदृढ़ होंगी। बैठक में पौंग बांध तथा कुछ अन्य वाटर बॉडीज में शिकारा सुविधा शुरू करने की अनुमति दी गई। इससे जल आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी तथा पर्यटन स्थलों का विस्तार भी होगा। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता वाली पर्यटन परियोजनाओं के कार्यान्वयन को संबंधित विभागों में आपसी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रदेश में इको व साहसिक टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए दक्ष प्रयास किए जाने चाहिए। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य के सामाजिक आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन आधारित गतिविधियां बढ़ाने को नई राहें नई मंजिलें योजना के तहत पैराग्लाइडिंग के लिए नए स्थल चिह्नित किए जाने चाहिए। सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने मंडी जिले में बूल्हा कटारू को इको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। कहा कि पर्यटन विकास के लिए पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना आवश्यक है। निदेशक पर्यटन विभाग यूनुस ने कार्यवाही का संचालन किया तथा पर्यटन विभाग के पर्यटन विकास को उठाए विभिन्न कदमों की जानकारी दी।