सेब की कीमतों में सोमवार को प्रति पेटी 200 रुपये तक की गिरावट आई है। तीन दिन के भीतर सेब के दाम करीब 500 रुपये प्रति पेटी तक गिरे हैं। देश की बड़ी मंडियों में सेब की आपूर्ति बढ़ने से कीमतें गिरी हैं। लगातार गिर रहे सेब के दामों के कारण बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गणेश उत्सव के लिए चल रही सेब की मांग भी अब खत्म हो गई है। महाराष्ट्र और गुजरात के लिए गणेश उत्सव की लोडिंग बंद होने से दाम गिर रहे हैं। 10 दिन पहले मंडियों में सेब के औसत दाम 1400 से 2000 रुपये प्रति पेटी (25 किलो) चल रहे थे। 27 अगस्त को करीब 200 से 300 रुपये तक दाम गिर गए।
सोमवार को 200 रुपये की और गिरावट आ गई और औसत रेट 1000 से 1600 पहुंच गए। कश्मीर से सेब की आपूर्ति शुरू होने के बाद आने वाले दिनों में दामों में और अधिक गिरावट आने का अंदेशा है। शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमन सूद ने बताया कि देश की बड़ी मंडियों से सेब की मांग में भारी कमी आई है। इसमें जिन मंडियों से रोजाना 4 गाड़ियों की मांग होती थी वहां 6 गाड़ियां पहुंचने के बाद मांग में कमी आई है। पराला फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि गणेश उत्सव की लोडिंग बंद होने के बाद अब सेब की मांग कम हो गई है।
सेब की आपूर्ति बढ़ने से गड़बड़ाया टोकन सिस्टम
शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में सोमवार को सेब की आपूर्ति बढ़ने से टोकन सिस्टम गड़बड़ा गया। मंडी में बिना टोकन गाड़ियां पहुंचने से वाहन चालक और बागवान भड़क गए। सेब लेकर मंडी पहुंचे सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बिना टोकन लिए आने वाली गाड़ियां फड़ पर लगाई जा रही हैं। टोकन वाली गाड़ियां पार्किंग में खड़ी हैं। तलाई के बागवान राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिनकी पहुंच है उनका सेब पहले बिक रहा है। आम बागवानों को लटकाया लगा रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमन सूद ने बताया कि बिना टोकन के गाड़ियों को मंडी में एंट्री न देने के लिए प्रबंधन से आग्रह किया है।