इस सीजन में मौसम में असमानता रही, जिससे ड्रॉपिंग भी अधिक हुई। सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए विश्व बैंक पोषित हाई डेंसिटी प्लांटेशन प्रोजेक्ट के तहत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने के लिए हाई डेंसिटी पर जाना जरूरी है। प्लांटेशन बढ़ाने की जरूरत है। परंपरागत बगीचे में प्रति बीघा अभी 25 से 30 पेड़ लगते हैं और फसल देने में भी 12 से 14 साल लग जाते हैं, इसलिए हाई डेंसिटी ही विकल्प है। सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और नए रूट स्टॉक का इस्तेमाल करना होगा। - जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री
हर साल 30 से 40 लाख नए पौधे लगाए जा रहे हैं, इस अनुपात में उत्पादन 8 से 10 लाख मीट्रिक टन होना चाहिए था, लेकिन यह घट रहा है। जलवायु परिवर्तन से सेब बेल्ट 1000 फीट ऊपर शिफ्ट हो गई है। आर्थिक तौर पर बागवानी घाटे का सौदा बन रही है। हालांकि सीजन की शुरुआत में कुछ अच्छे रेट मिल जाते हैं। सेब उत्पादन गिरने के कारणों की जांच के लिए बागवानों, बागवानी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और सरकार के प्रतिनिधियों को मंथन कर भविष्य के लिए रोड मैप बनाना चाहिए। - हरीश चौहान, संयोजक, संयुक्त किसान मंच