अब तक 200 किलो घी बनकर तैयार हो चुका है। इसे अलग-अलग पैकिंग में विक्रय केंद्रों में भेजा जा रहा है। 200 ग्राम का डिब्बा 360 रुपये में मिल रहा है। फिलहाल अभी तक इसकी ब्रिकी नहीं हुई है। लेकिन विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध करवा दिया गया है। प्रथम चरण में अच्छा रिस्पांस आने के बाद मिल्कफेड पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूरे प्रदेश में बकरी के दूध का घी तैयार करेगा।
माना जाता है कि विटामिन ई, विटामिन डी, विटामिन बी12 और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर बकरी के घी में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इसके साथ घी में जिंक, कॉपर, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। यह कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रख सकता है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऊना जिला के झलेड़ा में मिल्क प्लांट में बकरी के दूध से घी का उत्पादन कार्य शुरू हो गया है। दिवाली से पहले सभी विक्रय केंद्रों पर घी उपलब्ध रहेगा। अच्छे परिणाम आने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। डॉ. संदीप ठाकुर, मार्केटिंग मैनेजर, मिल्कफेड