मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब खरीद के लिए एचपीएमसी को एक मात्र अधिकृत एजेंसी नामित करने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा। इस सीजन में एचपीएमसी ने रिकार्ड 2000 मीट्रिक टन एप्पल जूस कंसन्ट्रेट तैयार किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में एचपीएमसी का शुद्ध लाभ 5 करोड़ पहुंच गया है। अमेजन पर जल्द ही एचपीएमसी जैम, स्कवैश और आचार भी अमेजन सहित अन्य ई-कामर्स वेबसाइट पर उपलब्ध करवाएगा। एचपीएमसी ने पैकड पीने का पानी हिम तरंग भी लांच किया है। बाजार में भारी मांग को देखते हुए जल्द ही एचपीएमसी एल्कोहल पेय शनैप्स और साइडर भी बाजार में उतारेगा। दिल्ली और जयपुर मैट्रो स्टेशनों पर एचपीएमसी के उत्पाद बेचने की शुरूआत की है, इसका अन्य राज्यों में विस्तार किया जाएगा। बैठक का संचालन एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक सुदेश कुमार मोख्टा ने किया। निदेशक मंडल के सदस्य जोगिंदर गुलेरिया, राजेश शर्मा, राजेश ठाकुर और वीरेंद्र सिंह जसवाल बैठक में मौजूद रहे।
एमआईएस के भुगतान को सरकार से मांगे 30 करोड़
सरकार ने एमआईएस के तहत सेब खरीद के एवज में भुगतान के लिए सरकार से 30 करोड़ मांगे हैं। बागवानों को कैश के स्थान पर खाद, उपकरण और दवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, नगद में भी भुगतान किया जाएगा। निदेशक मंडल ने किन्नौर के टापरी में जीयोथर्मल एनर्जी से चलने वाले सीए स्टोर के निर्माण के लिए आइसलैंड की कंपनी से करार को भी मंजूरी दी। कंपनी ने प्रयोग के तौर पर फल और सब्जी सुखाने के लिए ड्रायर भी स्थापित किया है, इस तकनीक को विस्तार देने की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
एचपीएमसी के इन सीए स्टोर और ग्रेडिंग हाउस के होंगे टेंडर
एचपीएमसी के गुम्मा, रोहड़ू, च्चयोट, रिकांगपिओ, पतलीकूहल, ओडी, जरोल टिक्कर, भुंतर, टूटूपानी और ज्ञाबोंग सीए स्टोर के लिए टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके अलावा मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, पतलीकूहल और राजगढ़ की संपत्तियां सार्वजनिक निजी भागीदारी पर आवंटित की जाएंगी। पराला प्लांट के लिए बागवानों को सेब खरीद के लिए क्रेट उपलब्ध होंगे। कोलकाता में एचपीएमसी की 15 बीघा जमीन को 100 करोड़ अपफ्रंट मनी और 200 करोड़ रुपये सालाना रेंट पर देने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। मुंबई, चेन्नई, दिल्ली कुंडली बार्डर की जमीन पर कोल्ड स्टोर और वेयर हाउस स्थापित किए जाएंगे।