हिमाचल प्रदेश में सभी सांसद, मंत्री, विधायक और अफसर सरकारी स्कूल गोद लेंगे। तीन विधानसभा उपचुनाव निपटने के बाद प्रदेश में अपना विद्यालय कार्यक्रम योजना लागू होगी। सरकारी स्कूलों में सुधार लाने के उद्देश्य से हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम तैयार किया गया है। गोद लेने वाले प्रतिपालक (मैंटर) बनकर स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं जुटाने और गुणात्मक शिक्षा के लिए भी सहयोग करेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश से चुने गए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, सभी मंत्री, विधायक, श्रेणी-1 व 2 के राजपत्रित अधिकारी, जैसे उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपमंडलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी व पुलिस उपाधीक्षकों को कम से कम एक स्कूल गोद लेकर उसका संरक्षक बनना होगा।