रुलटूभट्टा में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम
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पुरुषों की तुलना में युवा, महिलाएं और लड़कियां एनिमिया का शिकार हो रही हैं। इसका कारण आहार में आयरन की कमी होना है। यह जानकारी राजधानी के रुल्दुभट्ठा वार्ड में पोषित आहार पर आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता सयाल ने दी। बताया कि इससे बचाव के लिए हरी सब्जियों पालक आदि का इस्तेमाल करना चाहिए। कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित किया गया। इसमें अमर उजाला ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत सहयोग किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वागत गीत के साथ की। डॉ. सुनीता सयाल ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में खून की कमी हो जाती है। खासकर इस दौरान महिलाओं को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसका मुख्य लक्षण घबराहट होना, हाथ पैर पीले पड़ना, खुद की धड़कन सुनाई देना आदि शामिल है। बताया कि जब शरीर के सेल्स को एक्टिव रहने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है तो रेड ब्लड सेल्स में मौजूद हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को हर अंग तक पहुंचाने का काम करता है। लेकिन जब बॉडी में आयरन की कमी से रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन प्रोडक्शन प्रभावित होता है तो बॉडी और ब्रेन की काम करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होने लगती है। इसे ही एनीमिया कहा जाता है। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खानी चाहिए।
कार्यक्रम में किशोरियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। विभाग की ओर से इस दौरान एक बूटा बेटी के नाम, गोद भराई और अन्न प्राशन का आयोजन भी किया। कार्यक्रम में रुल्दुभट्ठा वार्ड की पार्षद सरोज ठाकुर, शहरी बाल विकास अधिकारी स्नेह लता, अधीक्षक कमला रांटा और सुनीता ठाकुर भी मौजूद रही।
सोशल मीडिया खत्म कर रहा नैतिक मूल्य : कमला
महिला थाना छोटा शिमला की सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) कमला ने महिलाओं को साइबर क्राइम और इससे बचाव की जानकारी दी। बताया कि वर्तमान समय में समाज के नैतिक मूल्यों को सोशल मीडिया खत्म कर रहा है। पहले की अपेक्षा महिलाएं और बेटियां अब सुरक्षित नहीं हैंं। यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी अपराध या घटना को घटित होते हुए देख रहा है तो वह तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर सूना दें। इसके अलावा 9459100100 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
महिलाएं बोलीं, कार्यक्रम में मिली अहम जानकारी
आमना न कहा कि कार्यक्रम से हमें मासिक धर्म के दौरान बरतने वाली सावधानियों और आहार की जानकारी मिली। मधु ने कहा कि अधिकतर महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। आज इस कारण और एनीमिया से बचने की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पूनम ने कहा कि कार्यक्रम में हमें महिलाओं के शरीर के बदलाव की प्रक्रिया के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। सत्या ने कहा कि हमने सीखा कि किस तरह से साइबर ठगी और महिलाओं के साथ होने वाले अपराध से बचा जा सकता है।