बीसीसीआई सचिव और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर
टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान धर्मशाला में भारत-पाक मैच के बाद अब यहां प्रस्तावित आईपीएल के तीन मैचों पर भी संकट के बादल छा गए हैं। बीसीसीआई सचिव और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने रविवार को सोलन में भाजयुमो के कार्यक्रम में कहा कि हिमाचल सरकार की लिखित मंजूरी न मिलने की वजह से धर्मशाला में प्रस्तावित आईपीएल मैच रद्द होने की कगार पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मैच के लिए लिखित में देगी, तभी बीसीसीआई धर्मशाला में आईपीएल मैच आयोजित करेगी। महाराष्ट्र में सूखे की मार के चलते तीन मैच धर्मशाला में प्रस्तावित हैं। अनुराग ने कहा कि विश्व कप के दौरान भारत-पाक मैच के लिए पहले राज्य सरकार हामी भरती रही लेकिन ऐन वक्त पर मुकर गई।
धर्मशाला में पाकिस्तान के साथ मैच का प्रदेश सरकार ने विरोध किया, लेकिन चंडीगढ़ में पाकिस्तान की प्रदर्शनी लगाई। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश के वर्तमान माहौल को देखकर कौन हिमाचल में निवेश करने आएगा।
अनुराग बोले सरकार पर भरोसा नहीं, लिखित में दें
अनुराग ने कहा कि प्रदेश सरकार पर मौखिक विश्वास नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर मौखिक विश्वास नहीं किया जा सकता। लिहाजा, आईपीएल मैच के लिए सरकार पहले लिखित में दे। उन्होंने कहा कि जल्द ही कॉलेज छात्रों के साथ वे सीधा संवाद कार्यक्रम शुरू करेंगे। केंद्र सरकार की कल्याणकारी और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से युवाओं को अवगत कराने का अभियान छेड़ा जाएगा।
मैच देखने को तैयार बैठे हैं वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह धर्मशाला में आईपीएल मैच देखने के लिए तैयार बैठे हैं। इस बारे में पिछले दिनों शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बयान जारी कर कहा था कि धर्मशाला में होने वाले आईपीएल मैच में सीएम वीरभद्र सिंह भी जाएंगे। उन्होंने अभिनेत्री प्रीति जिंटा की ओर से न्योता मिलने की बात भी की थी।
वीरभद्र ने कहा था शिमला में स्टेडियम बनेगा, एक पत्थर तक नहीं लगा
भाजयुमो के अभिनंदन कार्यक्रम में सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर तीखा हमला किया।
- फोटो : अमर उजाला
भाजयुमो के अभिनंदन कार्यक्रम में सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला में स्टेडियम की बात कही थी, लेकिन आज तक इसमें एक पत्थर तक नहीं लगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में इस समय सबसे भ्रष्ट सरकार है। प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया, ड्रग माफिया और तबादला माफिया का बोलबाला है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे फेल हो गई है। 2017 के विधानसभा में चुनाव में हिमाचल में भाजपा सरकार की वापसी तय है।
कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इस कार्यकाल के 03 साल में एचपीसीए के खिलाफ केस बनाने और अपने केस भुगतने में ही व्यस्त हैं। उनके पास प्रदेश का भला करने का समय नहीं है। अरुण धूमल द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए सभी आरोप एक दम सही है। एक मौजूदा (सीटिंग) मुख्यमंत्री की प्रॉपर्टी एटेच होना गंभीर बात है।