सीआरआई कसौली की निदेशक डॉ. डिंपल कसाना ने बताया कि एंटी सीरम उत्पाद के लिए जल्द संस्थान के पास सीजीएमपी मानकों पर आधारित लैब होगी। एंटी सीरम गुड मैन्युफैक्चरिंग के हिसाब से बनाया जाएगा, जिसे विदेशों में निर्यात भी किया जा सकेगा।
केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (सीआरआई) कसौली में तैयार एंटी सीरम अब विदेशों में भी निर्यात हो सकेगी। एंटी सीरम की गुड मैन्युफैक्चरिंग से उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके लिए सीआरआई में सीजीएमपी मानकों पर आधारित अत्याधुनिक लैब स्थापित होगी। प्रबंधन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इसकी अनुमति मांगी है। मंजूरी मिलने पर सीआरआई में अत्याधुनिक तकनीक से एंटी सीरम तैयार किया जाएगा। वर्तमान में संस्थान के पास पुरानी लैब है।
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सीजीएमपी पर कार्य नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए संस्थान ने नई लैब के लिए कवायद शुरू की है। केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में 116 वर्षों से विभिन्न प्रकार की एंटी सीरम और वैक्सीन का उत्पादन किया जाता है। संस्थान एंटी स्नेक वेनम सीरम, एंटी डिप्थीरिया सीरम और एंटी रैबीज सीरम (एआरएस) का उत्पादन काफी वर्षों से कर रहा है। ये सभी एंटी सीरम सीजीएमपी मानकों के आधार पर तैयार की जाएंगी।
सीआरआई के सहायक निदेशक और जन संपर्क अधिकारी डॉ. यशवंत कुमार ने बताया कि वर्तमान में सीजीएमपी आधार पर एंटी सीरम बनाने के लिए लैब स्थापित होगी। सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद लैब का आगामी कार्य शुरू होगा।
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विदेशों में होगी निर्यात
सीआरआई कसौली की निदेशक डॉ. डिंपल कसाना ने बताया कि एंटी सीरम उत्पाद के लिए जल्द संस्थान के पास सीजीएमपी मानकों पर आधारित लैब होगी। एंटी सीरम गुड मैन्युफैक्चरिंग के हिसाब से बनाया जाएगा, जिसे विदेशों में निर्यात भी किया जा सकेगा। वर्तमान में कई प्रकार की वैक्सीन का उत्पादन सीजीएमपी मानकों पर किया जा रहा है।
एंटी सीरम सही पैरामीटर पर होंगे तैयार
एंटी सीरम सीजीएमपी मानकों पर तैयार करना होता है। मौजूदा समय में आधुनिक लैब न होने से पुरानी तकनीक पर ही सीरम तैयार हो पा रही है। सीजीएमपी लैब के बनने के बाद एंटी सीरम सही पैरामीटर पर वर्तमान स्थिति के अनुसार तैयार होगी। सीजीएमपी लैब में कंप्यूटरीकृत कार्य किया जाएगा।