शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। उन्होंने बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य बनाने व अनुपालना न होने की स्थिति में वेतन कटौती जैसे कदमों पर भी बल दिया। शिक्षा मंत्री ने विभाग को उपनिदेशकों की पदोन्नति संबंधी विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में फैसला किया गया कि स्नातक डिग्री पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री शुरू की जाएगी। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा और उन्हें स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। इससे उनके कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेज स्तर पर विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की भाषा दक्षता प्राप्त होगी और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। योजना के तहत वीवॉक में चार नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।