दशहरा के लिए साैहार्द के रंग भर रहे मुस्लिम कारीगर
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देश की गंगा-जमुनी तहजीब में तनाव और धार्मिक सौहार्द बिगड़ने की खबरों के बीच रियासतकालीन नाहन शहर आपसी भाईचारे की मिसाल बना है। नाहन के चौगान मैदान में दशहरा उत्सव में मुस्लिम कारीगर खुशियों के रंग भर रहे हैं। नाहन में सालों से दशहरा पर दहन के लिए बनने वाले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले मुस्लिम परिवार शिद्दत से बना रहा है।
पुतलों को बनाते समय इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि उन्हें वैसे ही बनाया जाए जैसा उन्होंने सुना और किताबों में पढ़ा है। मुस्लिम परिवार दशहरे से 12-13 दिन पहले नाहन आकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने में जुट जाता है। उत्तर प्रदेश के जिला शामली के थाना कस्बा निवासी मोहम्मद सद्दाम और सलीम अहमद का परिवार सालों से नाहन में होने वाले आयोजन में अहम भूमिका निभाता आ रहा है। वे पूरी श्रद्धा के साथ पुतलों को बनाने का काम करते है।